जन लोकपाल बिल पेश ना करा पाने के बाद केजरीवाल ने दिया CM पद से इस्तीफा

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हुनमान रोड स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे का ऐलान किया। इससे पहले विपक्ष के नेता हर्षबर्धन और समर्थन दे रही कांग्रेस के नेता अरविंदर सिंह लवली सहित कई विधायकों ने विधेयक पेश किए जाने का विरोध किया और विधानसभा अध्यक्ष एमएस धीर पर दबाव बनाया। विरोध कर रहे सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि उपराज्यपाल ने विधानसभा को भेजे गए पत्र में कहा है कि जन लोकपाल पर उनकी सहमति नहीं है इसलिए इसे सदन में पेश नहीं किया जाए।
चूंकि यह विधेयक संविधान के विरुद्ध है इसलिए इसे पेश नहीं किया जा सकता। विरोध में सदस्यों की संख्या अधिक देख विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि विधेयक पेश नहीं माना जाएगा। विधेयक के समर्थन में आप के 27 विधायकों के मुकाबले भाजपा व कांग्रेस के 42 विधायक विरोध में खड़े थे। बाद में केजरीवाल ने अपने समर्थकों की भारी भीड़ के बीच इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि हमारे पास संख्या बल नहीं था इसलिए हम सरकार नहीं बनाना चाहते थे। कांग्रेस ने जबरन समर्थन दिया और हमने जनता से राय मांगी।
जनता की राय के अनुसार हमने सरकार बनाई। भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमारे कदम के विरोध में भाजपा और कांग्रेस दोनों एकजुट हो गई। हमारे मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि हमारी सरकार इस्तीफा देगी। दिल्ली विधानसभा में हंगामे का प्रसारण देखते ही आप के हजारों समर्थक पार्टी मुख्यालय सहित विभिन्न जगहों पर जमा हो गए।
आपको बताते चलें कि दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामे और विरोध के बीच वोटिंग के बाद जनलोकपाल बिल पेश नहीं किया जा सका। आम आदमी पार्टी सरकार ने जनलोकपाल बिल को विधानसभा की मंजूरी के बिना ही पेश की कोशिश की थी। वोटिंग में बिल के खिलाफ 42 विधायकों ने मत दिया जिससे यह प्रक्रिया मुश्किल हो गई। आप के विधायकों ने बिल को पेश करने के समर्थन किया था। जिनके मतों की संख्या 27 है।












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