भाजपा में मिलने को बेकरार हैं ‘आप’, कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार
नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव में अपनी साख गंवा चुकी आम आदमी पार्टी अब अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। जो पार्टी देशभर में सौ से ज्यादा सीटें लाने का दावा कर रही थी चुनाव परिणाम के बाद उसके खाते में महज 5 सीटें ही आई है। ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ता हार के लिए पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
केजरीवाल भी अपनी हार की हार और कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों से परेशान है। आप के संस्थापक सदस्यों में से एक शाजिया इल्मी ने तो अरविंद केजरीवाल पर पार्टी को हाईजैक करने का आरोप लगा दिया।
वहीं आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक खासे बेचैन हैं। उन्हें डर है कि अगर जल्द विधानसभा चुनाव हो गए तो उन्हें हार का सामना कर पड़ सकता है। इसी डर के चलते वे चाहते हैं कि कांग्रेस न सही बीजेपी से ही गठबंधन कर लिया जाए। संभावना यह भी बन रही है कि विधायकों का एक गुट इस मसले पर पार्टी छोड़कर बीजेपी से हाथ मिलाने को आतुर है।

आप नाराज, बीजेपी भी बेकरार
लोकसभा चुनाव नतीजे आने के साथ ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ सरकार बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। आप कांग्रेस के समर्थन से दोबारा सरकार बनाना चाहती है तो वहीं आप के कुछ कार्यकर्ता भी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की कवायत कर रहे हैं।

चुनाव की मांग तेज
जहां आप के कार्यकर्ता सरकार बनाने के लिए बेकरार है तो वहीं कांग्रेस ने भी दिल्ली में सरकार बनाने के लिए 'आप' को समर्थन देने से साफ इंकार किया है। ऐसे में अब चुनाव का रास्ता ही बचता है। हालांकि अभी भी दो ऐसे विकल्प हैं जिनसे दिल्ली में बिना चुनाव के सरकार बन सकती है।

मिली-जुली सरकार बनाएंगे केजरीवाल
सरकार बनाने की कवायत में जुटे केजरीवाल के पास दो संभावनाएं है। पहली संभावना यह है कि अरविंद केजरीवाल कांग्रेस से समर्थन मांगें और उसके सहयोग से फिर सरकार बनाने का दावा करें। आपको बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 28 और कांग्रेस के आठ विधायकों ने मिलकर सरकार बनाई थी।

भाजपा में भी जोर आजमाइश
दिल्ली में चुनाव टालने और सरकार बनाने के लिए दूसरा विकल्प यह है कि आम आदमी पार्टी के दो तिहाई विधायक अलग पार्टी बनाएं और विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता मांगें।

जोड़-तोड़ की कवायत शुरु
अगर आप के 18 विधायक टूट कर भाजपा के साथ आ जाते है तो मान्यता मिलने पर ये विधायक भाजपा को समर्थन देकर सरकार बना सकते हैं। बाकी अब एक तिहाई हटकर ग्रुप मान्यता का प्रावधान खत्म हो चुका है।

कैसे निकलेंगा रास्ता
लेकिन सरकार बनाने के दोनों ही रास्ते में मुश्किलें है। क्योंकि बीजेपी ने पहले ही इस बात का ऐलान कर रखा है कि वह दिल्ली में जोड़तोड़ से सरकार नहीं बनाएगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉ. शकील अहमद ने कहा कि आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर सरकार बनाने की उनकी कोई कवायद नहीं चल रही है।

आप के विधायकों ने उड़ाई अफवाह
आम आदमी पार्टी के विधायकों के चाहने से भी सरकार नहीं बनने वाली। शायद यही वजह है कि 'आप' के विधायक खुले तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं।












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