बीजेपी को शर्तों पर समर्थन देगी 'आप', प्रशांत के बयान से पार्टी ने किया किनारा

किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए जरूरी 36 सीटें नहीं मिल सकी है। दोनों बड़ी पार्टियां भाजपा और आप सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर रही है। इस बीच आप के नेता प्रशांत भूषण ने भाजपा में यह कह कर आस जगा दी कि अगर भाजपा हमारी मांगों को पूरा करेगी तो हम प्रदेश में सरकार बनाने में समर्थन दे सकते है। उधर भारतीय जनता पार्टी 15 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाने की उम्मीद के साथ आज बैठक बुलाई है।
चुनाव के बाद दिल्ली में स्टार बनकर ऊभरे आम आदमी पार्टी ने अपना रूख स्पष्ट करते हुए कहा है कि हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे या फिर चुनाव का सामना करेंगे, लेकिन आप के नेता प्रशांत भूषण ने कल शाम विपक्षियों के प्रति नरम रूख दिखा कर थोड़ी आस दिखा दी थी। इतना ही नहीं इससे पहले अन्ना की सहयोगी और अरविंद केजरीवाल की दोस्त किरन बेदी ने भी भाजपा और आम आदमी पार्टी को साथ मिलकर सरकार बनाने की सलाह दी थी, लेकिन पार्टी ने उनकी चाहत पर पानी फेर दिया। वहीं जब आप के नीनियर नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि आम आदमी पार्टी शर्तों पर भाजपा को समर्थन देने पर विचार कर सकती है तो एक बार फिर से आप में खलबली मच गई। पार्टी ने इसे प्रशांत का निजी बयान करार देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। हालांकि भूषण ने भी कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत विचार है पार्टी का नहीं। उनके बयान के साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया कि वो किसी भी शर्त पर भाजपा को समर्थन नहीं देंगे।












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