केजरीवाल ने रचा इतिहास, शीला दीक्षित को रिकार्ड मतों से हराया

शीला दीक्षित ने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में अपनी हार कबूल की। उन्होंने पिछले 15 वर्षों तक कांग्रेस का समर्थन देने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया। शीला दीक्षित ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में हार क्यों मिली। इसके बारे में पार्टी बाद में विचार करेगी। वहीं दिल्ली सरकार के निवर्तमान मंत्री अरविंदर लवली गांधीनगर विधानसभा सीट पर चुनाव जीत गए हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा के पुत्र प्रवेश सिंह वर्मा महरौली से विजेता घोषित किए गए हैं।
मौजूदा रुझान दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनती दिखा रहे हैं। अगर उसकी 35 सीटें नहीं भी आती हैं तो बहुत संभव है कि अन्य की मदद से उसकी सरकार बन सकती है। दिल्ली में 4 सीटों पर अन्य आगे हैं जिनमें बीएसपी और निर्दलीय हैं। कांग्रेस की यह दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी हार होगी। उसके सारे बड़े नेता पीछे चल रहे हैं। योगानंद शास्त्री (महरौली) चुनाव हार चुके हैं। उन्हें बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने हराया। देवली में आम आदमी पार्टी के प्रकाश ने जीत दर्ज कर ली है।
इसी प्रकार कांग्रेस के प्रह्लाद सिंह साहनी ने चांदनी चौक सीट से बीजेपी प्रत्याशी सुमन कुमार गुप्ता को 8,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। आप की नामी उम्मीदवारी शाजिया इल्मी भी अपनी सीट हार गई हैं। आरके पुरम से बीजेपी के अनिल कुमार शर्मा ने उन्हें 340 वोटों से हराया। जीत दर्ज करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि ये आम आदमी पार्टी की नहीं बल्कि दिल्ली के आम आदमी की जीत है। अरविंद केजरीवाल के साथ पार्टी के नेता कुमार विश्वास भी मौजूद थे।












Click it and Unblock the Notifications