क्या हैं वो 5 मुद्दे, जिन पर दिल्ली कर रही है वोट
नयी दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में शीला दीक्षित की साख दांव पर लगी है। लगातार 15 सालों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज शीला को इसबार भाजपा और आम आदमी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही है। इतना ही नहीं 15 साल से सत्ता में काबिज़ होना एक अहम फ़ैक्टर है और सत्ता विरोधी रुझानों से जूझना कांग्रेस के लिए एक बड़ी समस्या है।
ऐसे में लोगों को लुभाने के लिए कांग्रेस ने अहम मुद्दों को अपने घोषणापत्र में जगह दी है। वैसे तो दिल्ली देश के विकसित राज्यों में से एक है।
फिर भी इस प्रदेश में अनेक ऐसी समस्याएं हैं जो इस विधानसभा चुनाव के लिए अहम बन गए हैं। जहां शीला दीक्षित दिल्ली के विकास के नाम पर वोट मांग रही है तो वहीं भाजपा सत्ता परिवर्तन के लिए लोगों से अपील कर रही है।
इन दोनों के बीच चुनाव को त्रिकोणीय बनाने वाले आम आदमी पार्टी लोगों से भ्रष्टाचार के नाम पर वोट मांग रही है। दिल्ली विधानसभा चुनवा में मूल रुप से टक्कर तीन पार्टियों के बीच है। आइए आपको बताए कि आखिर दिल्ली के वो कौन से पांच मुद्दे है जिसके लिए दिल्ली वाले वोट कर रहे है।

प्याज से रुलाया तो टमाटर ने किया लाल
दिल्ली विधानसभा चुनाव में महंगाई अहम मुद्दा रहा है। आम आदमी महंगाई से परेशान है। प्याज के दाम 100 के पार है तो टामाटर भी पीछे नहीं। हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में बढ़ती महंगाई के लिए विरोधी शीला सरकार पर निशाना साध रहे है तो वहीं शीला इसे जमाखोरी का नतीजा बता रहे है।

घोटालों ने खोली पोल
भ्रष्टाचार ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है। कांग्रेस की सरकार में हुए घोटाले जैसे कोयला घोटाला, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले और 2जी घोटाले ने शीला सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। ये घोटाले जहां शीला के लिए चुनौती बन गए है तो वहीं विरोधियों के लिए ताकत।

महिला सुरक्षा बना अहम मुद्दा
दिल्ली चुनाव में महिला सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा बनकर उभरा है। 93 फीसदी लोगों का मानना है कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सबसे अबम मुद्दा है तो वहीं राजनीतिक दलों ने भी इसे वोट में भुनाने की कोशिश की है। दिल्ली वालों को कमोबेश यही लगता है कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद उनकी सुरक्षा को सरकार प्राथमिकता नहीं दे पाई।

कांग्रेस के राज में लगा बिजली का झटका
दिल्ली चुनाव के दौरान बिजली आपूर्ति और महंगी बिजली बड़ा चुनावी मुद्दा है। आम आदमी पार्टी ने इसे वोट में पूरी तरह भुनाने की कोशिश की तो व हीं भाजपा भी पीछे नहीं रही। बिजली को लेकर अरविंद केजरीवाल पहले भी शीला दीक्षित को घेर चुके है। जहां भाजपा ने सत्ता में आने पर 30% सस्ती बिजली तो वहीं आप ने 50% सस्ती बिजली देने का वादा किया है।

पानी कहीं पानी की फेर दे
दिल्ली विधानसभा चुनाव में पानी का मुद्दा भी अहम रहा है। आप के सर्वे में दावा किया गया कि दिल्ली के 28% नागरिकों के लिए पीने का पानी सबसे बड़ा मुद्दा है। दिल्ली के कई ऐसे इलाके हां जहां पानी के लिए पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।












Click it and Unblock the Notifications