Farmani Naaz :'हर-हर शंभू' गाकर देवबंद उलेमाओं के निशाने पर फरमानी नाज, गाना गाकर चलाती हैं पूरा परिवार
मुजफ्फरनगर, 01 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की रहने वाले यूट्यूबर फरमानी नाज 'शिव भजन' गाने की वजह से कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं के निशाने पर आ गई हैं। कुछ मुस्लिम मौलवियों ने कथित तौर पर इसे 'इस्लामिक विरोधी' करार देते हुए कहा कि इस्लाम में गाना और नृत्य करना प्रतिबंधित है। आइए जानते हैं क्या है यूट्यूबर फरमानी नाज की पूरी कहानी?
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कौन हैं फरमानी नाज ?
फरमानी नाज मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मदपुर माफी गांव की रहने वाली हैं। फरमानी नाज की शादी 25 मार्च 2017 को मेरठ के छोटा हसनपुर गांव निवासी इमरान से हुई थी। शादी के एक साल बाद बेटा हुआ। इसके बाद ससुरालवालों की प्रताड़ना बढ़ गई।

ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर मायके आ गई फरमानी नाज
दरअसल, फरमानी के बेटे के गले में कोई बीमारी थी। इसी वजह से फरमानी के ससुरालवाले उसे परेशान करते थे और इलाज के लिए अपने मायके से पैसे लाने का दबाव बनाते थे। परेशान होकर फरमानी अपने बेटे के साथ अपने मायके मोहम्मदपुर माफी आकर रहने लगी थी।

'कलाकारों का कोई धर्म नहीं होता'
फरमानी कहती हैं, "कलाकारों का कोई धर्म नहीं होता। जब मैं गाती हूं तो बाकी सब भूल जाती हूं। मैं कव्वाली भी गाती हूं। यहां तक कि मोहम्मद रफी और मास्टर सलीम ने भी भक्ति गीत गाए। मुझे कभी कोई धमकी नहीं मिली। अब थोड़ा विवाद है, हमें पता चला, लेकिन हमारे घर कोई कुछ कहने नहीं आया।"

Indian Idol में भी लिया था भाग, गाना गाकर करती हैं बच्चे का पालन-पोषण
बता दें, फरमानी नाज यूट्यूब पर अपने गाने अपलोड करती हैं। लोग उनके गाने को जमकर पसंद भी करते हैं। कुछ साल पहले उन्होंने टीवी के रियालिटी शो 'इंडियन आइडल' में भी भाग लिया था। लेकिन बच्चे की तबीयत ख़राब होने की वजह से उन्हें लौटना पड़ा था। इसके बाद से फरमानी यूट्यूब सिंगर बन गई। अब फरमानी अपने बच्चे का पालन पोषण गाने गाकर ही करती है।

फरमानी ने गाया 'हर हर शंभू', किसको एतराज ?
फरमानी में बीते दिनों शिव भजन 'हर हर शंभू, शिव महादेव' गाया था। यह गाना रिकॉर्ड करके फरमानी उलेमाओं के निशाने पर आ गई हैं। देवबंद के कुछ मौलानाओं ने फरमानी नाज के 'शिव भजन' की मुखालफत की है। देवबंद के उलेमा मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि इस्लाम में किसी भी तरह का गाना और डांस करना जायज नहीं है। यह इस्लाम में वर्जित है। मुसलमानों को ऐसी किसी भी चीज़ से बचना चाहिए जो वर्जित है। स्त्री द्वारा गाया गया गीत अनुमेय नहीं है, यह वर्जित है। उसे इससे बचना चाहिए।












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