ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी के बीच मुंबई में इस साल सामने आया ब्लैक फंगस का पहला मामला
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस साल ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। एक 70 वर्षीय वुजुर्ग में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।
मुंबई, 18 जनवरी। पूरा देश इस समय कोरोना वायरस की तीसरी लहर की चपेट में है। भारत के तमाम राज्यों में कोरोना और ओमिक्रॉन वेरिएंट के केस तेजी से बढ़ते जा रहा है। इसी बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस साल ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। एक 70 वर्षीय वुजुर्ग में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। बता दें कि 5 जनवरी को इस शख्स का टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आया था, जिसके बाद इसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इस शख्स में ब्लैक फंगस के लक्षण विकसित हो गए। वर्तमान में वह शख्स मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।
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बता दें कि कमजोरी की शिकायत के बाद शख्स को 12 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका ब्लड शुगर लेवल भी 532 तक पहुंच गया था। इलाज के कुछ दिन बाद उसने ठोड़ी में दर्द होने की शिकायत की (जो कि बहुत असामान्य बात है)। इसके बाद उसकी ठोड़ी वाली जगह पर सूजन आ गई, जो कि अस्पताल में उसे भर्ती होने के दौरान नहीं थी। 15 जनवरी तक सूजन और दर्द बहुत बढ़ गया था और उसे लिड एडिमाप्टोसिस हो गया। इसके बाद उसकी नाक का स्वाब टेस्ट के लिए भेजा गया जिसमें फंगल मरीज में फंगल हाइप से संक्रमित होने का पता चला, जिसके बाद एक ईएनटी सर्जन द्वारा एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी की गई, उसी दौरान पता चला कि रोगी ब्लैक फंगस से भी संक्रमित है।
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डॉक्टरों ने कहा कि फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसका लंबे समय तक एंटीफंगल उपचार चलेगा। तीसरी लहर को दौरान मुंबई में ब्लैक फंगस का यह पहला मामला सामने आया है जबकि पिछले साल विशेष तौर पर दूसरी लहर में शहर में ब्लैक फंगस के हजार से भी ज्यादा मामले सामने आए थे।












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