महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना मतभेद, क्या विपक्ष में बैठेगी शिवसेना
महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने पर भाजपा ने सरकार तो बना ली है लेकिन अभी सरकार अल्पमत में है। महाराष्ट्र में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के सिलसिले में भाजपा-शिवसेना के फिर से साथ आने की अटकलें पिछले कुछ दिनों से लगातार लगाई जा रही हैं। लेकिन सवाल है कि भाजपा तो शिवसेना के साथ आने को तैयार है लेकिन क्या शिवसेना भाजपा के साथ जाने को तैयार है।

भाजपा की सरकार बन जाने के बाद भले ही शिवसेना के कड़क मिजाज में थोड़ा नरमाई आई है लेकिन अभी भी शिवसेना अपनी शर्तों पर अड़ी हुई है। शिवसेना उपमुख्यमंत्री का पद और दस मंत्री पद चाहती है। जबकि भाजपा इस पर सहमति इसलिए नहीं बना पा रही है कि कहीं उसके वरिष्ठ नेता औऱ योग्य नेता नाराज होकर बागी न बन जाएं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में भाजपा को सौ से ज्यादा सीटों पर जीत मिली है। तो शिवसेना को उम्मीद से ज्यादा 63 सीट। ऐसे में शिवसेना महाराष्ट्र में दूसरी बड़ी पार्टी बनी है।
आठ नवम्बर को शिवसेना स्पष्ट करेगी
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी आठ नवम्बर को पार्टी का रुख स्पष्ट करेगी कि वह भाजपा के साथ जाएगी या नहीं। ठाकरे की ओर से इस तरह के बयान से यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ तभी आएगी जब भाजपा संतुष्ट करेगी। वैसे इतना तो तय है कि फैसला दोनों में से एक होने वाला है। या तो शिवसेना विपक्ष में बैठेगी या फिर भाजपा के साथ चली जाएगी।












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