पर्स टेस्ट में मुंबई बना दुनिया का दूसरा सबसे ईमानदार शहर
मुंबई। देश घोटालों, भ्रष्टाचार, बेईमानी जैसे रोगों से ग्रसित है। सरकारी दफ्तर घूसखोरी का अड्डा बन चुके है, लेकिन बेईमानों के इस कतार में मुंबई के लोगों ने देश का नाम रोशन कर दिया है। मायानगरी मुबंई दुनिया का दूसरा सबसे ईमानदार शहर बन गया है। एक सर्वें के बाद मुंबई को ये खिताब हासिल हुआ है।
इक अनोखे सर्वे के बात ईमानदारी के मामले में फिनलैंड के हेलिसिंकी शहर को पहला और मुंबई को दूसरा खिताब मिला। दरअसल देश के ज्यादत्तर जगह अगर आपका पर्स खो जाता है तो उसके वापस मिलने की उम्मीदें कम ही होती हैं। लेकिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ऐसा नहीं होता। मुंबई में 12 में से 9 लोगों को उनके खोये हुए पर्स वापस लौटाए जाते हैं। जबकि फिनलैंड के शहर हेलिसिंकी में 12 गुम हुए पर्सों में से 11 पर्स वापस लौटा दिए जाते हैं। लौटाए गे पर्स के लौटाने के आधार पर ईमानदार शहरों की सूची तैयार की गई। जिसमें मुंबई दूसरे नबंर पर आया है।

एक अंग्रेजी पत्रिका द्वारा किए गए सर्व में हेलिसिंकी को पहला, मुबंई को दूसरा, हंगरी के बुडापेस्ट और अमरीका के न्यूयार्क को तीसरा स्थान मिला जहां पर 12 में से 8 वर्स वापस लौटाए गए हैं। हालांकि रूस के मास्को और नीदरलैंड के एमस्टरडेम में सात पर्स वापस लौटाए गए। पुर्तगाल के लिस्बान शहर को सूची में 11 वां स्थान मिला जहां पर 12 में से मात्र एक ही पर्स वापस लौटाया गया।
इस सर्वे के लिए अंग्रेजी पत्रिका रिडर्स डाइजेस्ट ने दुनिया के अलग-अलग 16 शहरों में 12 पर्स गिराए थे। इसमें जांचा गया कि कितने पर्सों को वापस किया जाएगा। हर एक पर्स में मोबाइल नंबर, परिवार की फोटो, कूपन, बिजनेस कार्ड और 50 अमरीकी डॉलर के बराबर रकम डाली गई थी। इस सर्वे में कुल 192 पर्स डाले गए थे। लौटाए गए पर्सों की संख्या के आधार पर शहरों को ईमानदारी का अवार्ड मिला।












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