मुंबई: साकीनाका रेप-मर्डर केस में बड़ा खुलासा, कमिश्नर ने कहा- दोनों एक दूसरे को जानते थे
मुंबई, 13 सितंबर: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के साकीनाका इलाके में 30 साल की महिला के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार करने देने वाली वारदात सामने आई थी। आरोपी ने पहले पीड़िता का रेप किया। फिर उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी थी, जिसके बाद पीड़िता की मुंबई के राजावाडी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने 11 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं अब इस मामले में मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने बताया कि इस केस में पुलिस ने एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट लगाया है।

मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने सोमवार को बताया कि हमने एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट लगाया है। हमने आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी 21 तारीख तक पुलिस कस्टडी भी मिल गई है। उसने अपना गुनाह कबूल किया है, जो हथियार इस्तेमाल किया गया था, वह भी बरामद कर लिया गया है।
साकीनाका रेप-हत्या मामले पर नगराले ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) के अनुसार हमें अब तक महाराष्ट्र में आरोपी के खिलाफ दर्ज किसी भी अपराध का पता नहीं चला है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसका उत्तर प्रदेश में कोई आपराधिक रिकॉर्ड है।
मुंबई पुलिस आयुक्त के मुताबिक आरोपी और पीड़ित एक दूसरे को जानते थे। पीड़िता आरोपी से कुछ मांग रही थी। बाद में उन्होंने बहस की। हम अनुमान लगा रहे हैं, जिस मुख्य कारण से आरोपी ने महिला पर हमला किया, वह उनके बीच हुई बहस थी। आरोपी ने किसी पदार्थों के प्रभाव में था।
पीड़िता परिवार को 20 लाख का मुआवजा
इधर मामले की गंभीरता को समझते हुए महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने भी मामले में धारा 307 को 302 में बदल दिया है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने पीड़िता के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।












Click it and Unblock the Notifications