टॉप डायमंड कंपनी ने मुस्लिमों को नौकरी पर रखने से किया इंकार
मुंबई। भारत धर्मनिरपेक्ष देश हैं। यहां सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त है, लेकिन मुंबई की एक प्रमुख हीरा निर्यातक कंपनी ने धार्मिक भेदभाव का परिचय देते हुए मुस्लिम युवक को नौकरी देने से इंकार कर दिया। एक बड़ी हीरा निर्यात कंपनी ने एक युवक का आवेदन सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि वो मुस्लिम है।
'द हिंदू' अखबार में छपी खबर के मुताबिक जीशान अली ख़ान ने एमबीए की पढ़ाई की है। जीशान ने श्रीकृष्णा हीरा निर्यात कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिव जब कंपनी की ओर से जवाब आया तो सब हैरान रह गए। [पढ़ें- जानिए कैसी-कैसी पूजाएं करते हैं तांत्रिक]
जीशान को दिये गये खत में कंपनी ने लिखा कि "शुक्रिया आपके आवेदन के लिए...लेकिन हमें आपको बताने में खेद है कि हम सिर्फ गैर-मुस्लिमों को नौकरी पर रखते हैं। जीशान के मुताबिक उन्होंने अपने कई दोस्तों के साथ आवेदन किया था। उनमें से करीब आधों को फौरन नौकरी मिल गई, लेकिन उसके आवेदन करने के 20 मिनट बाद ही कंपनी ने उसे नौकरी देने के सिर्फ इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि वो मुसलमान है।
जीशान ने अपने इस अनुभव को फेसबुक पर साझा किया तो प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया। मामले के तूल पकड़ता देख कंपनी ने फौरन दूसरा ईमेल किया और लिखा कि कंपनी उम्मीदवारों को लेकर लिंग, जाति, धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। अगर इस मामले में आपकी भावनाएं आहत हुई हैं तो हम खेद जताते हैं।













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