मुंबई में फैला खसरा और रूबेला का संक्रमण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भेजी उच्च स्तरीय टीम, BMC ने शुरू किया टीकाकरण
कोरोना और स्वाइन फ्लू के बाद आर्थिक राजधानी मुंबई के स्लम इलाकों में खसरा और रूबेला के मामले बढ़ने लगे हैं। इसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक खास टीम बनाकर केसेस को ट्रैक करने के लिए भेज दी है। यह टीम राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता करेगी और बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक रोकथाम के उपायों को बताएगी। साथ ही इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद भी करेगी।
Recommended Video

रोकथाम के लिए एमसीडी ने शुरू किया टीकाकरण अभियान
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर के एफ/नॉर्थ, एच/ईस्ट, एल, एम/ईस्ट और पी/नॉर्थ वार्डों में टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया है। अंग्रेजी अखबार मिड-डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी की तरफ से परेल, बांद्रा पूर्व, सांताक्रूज पूर्व, कुर्ला, गोवंडी, चेंबूर और मलाड पश्चिम क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक खसरा और रूबेला के मामले अधिकतर जीरो से पांच वर्ष की आयु के बच्चों मिल रहे हैं।
बीएमसी ने अभिभावकों से की टीकाकरण कराने की अपील
अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा सके, इसलिए बीएमसी ने माता-पिता से 9 महीने और 16 महीने के बच्चों के लिए खसरा और रूबेला के टीकाकरण कराने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित टीम में शामिल हैं ये एक्सपर्ट
खसरा और रूबेला के मामलों के रोकथाम के लिए मुंबई के लिए तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली व स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के क्षेत्रीय कार्यालय, पुणे, महाराष्ट्र के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम का नेतृत्व डॉ. अनुभव श्रीवास्तव, उप निदेशक, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), एनसीडीसी मंत्रालय की तरफ से किया जा रहा है।
खसरे से अब तक 3 बच्चों की हुई मौत
मुंबई, नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल शहर में खसरे से तीन बच्चों की मौत की आशंका जताई है। वहीं अधिकारी ने दावा करते हुए कहा कि अब तक इस बीमारी से 90 अन्य बच्चे भी संक्रमित हो चुके हैं। बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी मंगला गोमारे ने कहा कि जनवरी से अब तक वार्ड एफ-नॉर्थ, एच-ईस्ट, एल, एम-ईस्ट और पी-साउथ में खसरे के मामले पाए गए हैं।
अकेले गोवंडी में मिले 23 संक्रमित
बीएमसी के एक अधिकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा 23 मामले गोवंडी क्षेत्र में पाए गए हैं। यहां पर इस बीमारी से तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। जिन दो बच्चों की मौत हुई है उनकी उम्र 3 वर्ष और 5 वर्ष थी। दोनों चचेरे भाई थे। वहीं, खतरे को देखते हुए बीएमसी की तरफ से कस्तूरबा हॉस्पिटल में एक वार्ड भी बनाया भी जहां पर 35 का इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जो बच्चे खसरा और रूबेला से संक्रमित हुए हैं उनमें 10 प्रतिशत का टीकाकरण नहीं पूरा हुआ था। जबकि 25 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिनका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है।
ये भी पढ़ें- Lumpy Virus: छत्तीसगढ़ में बढ़ा खतरा, सतर्क हो जाएं पशुपालक, टीकाकरण का नहीं हो रहा असर












Click it and Unblock the Notifications