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Lumpy Virus: छत्तीसगढ़ में बढ़ा खतरा, सतर्क हो जाएं पशुपालक, टीकाकरण का नहीं हो रहा असर

छत्तीसगढ़ में लम्पी वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर सरकार चिंतित भी है कि कहीं राजस्थान जैसी स्थिति यहां न निर्मित हो जाए। प्रदेश के बालोद जिले में लम्पी वायरस के मामले लगातार सामने आने के बाद पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी पशुओं की निगरानी में लगे हैं। बालोद जिले में कलेक्टर ने अधिकारीयों की आपात बैठक बुलाकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।

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बालोद कलेक्टर ने ली बैठक दिए, ग्रामीण मान रहे छोटी माता
बालोद कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शुक्रवार शाम को संबंधित अफसरों की आपातकालीन बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों को किसानों के घरों में जाकर जागरूक करने पंचायत स्तर और मॉनिटरिंग करने व पंच सरपंच कोटवार के माध्यम से पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में इस वायरस को लेकर जानकारी का अभाव देखा जा रहा है। ग्रामीण इस वायरस को छोटी-बड़ी माता मान रहे हैं। इस वायरस के चलते कई गांवों में कामकाज सप्ताह में एक दिन कामकाज बन्द रखा जा रहा है।

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सरकारी आंकड़े से ज्यादा है संक्रमित पशुओं की संख्या
पशुओं में जानलेवा लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद किसानों में दहशत है। क्योंकि इससे पहले भी जिले में पशुओं पर अज्ञात वायरस का प्रकोप हुआ था। जिले के बालोद, गुंडरदेही, डौंडी लोहारा और गुरूर ब्लाक में 30 मवेशी संक्रमित पाए गए हैं। इस तरह जिले में बढ़ते संक्रमण के चलते ग्राम करहीभदर, खेरथा पशु बाजार में रोक लगा दी गई है। मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण की पुष्टि शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग ने की है। लेकिन पशुपालकों के अनुसार जिले के अधिकतर गांवों में लम्पी वायरस से सैकड़ों मवेशी संक्रमित है।

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बालोद के इन गांवों में बढ़ा खतरा, देवी देवताओं की हो रही पूजा
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम माहुद में तेजी फैल रहा संक्रमण ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लेकिन ग्रामीण इसे प्राकृतिक आपदा मानकर देवी देवताओं की पूजा पाठ करने में लगे हैं। एक मवेशी की मौत के बाद ग्रामीण बैगा बुलाकर गांव को कथित रूप से बंधन करने का काम करने लगे हैं। उनकी मान्यता है की इससे उनके पशुओं को राहत मिलेगी। गांव के सरपंच संजय कुर्रे ने बताया कि गांव में बूढ़ा देव, शीतला मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा पाठ की जा रही है। वहीं विभाग संक्रमण से बचने पशुओं का टीकाकरण कार्य किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार टीकाकरण का भी असर नहीं हो रहा है।

सैम्पल भेजा गया रायपुर, जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से की अपील
पशु चिकित्सा विभाग के प्रभारी उपसंचालक देवेंद्र शिवहरे ने बताया कि बालोद जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। टीकाकरण कार्य जारी है। पशुओं के सैम्पल लेकर लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद इसकी पुष्टि होगी। इसलिए किसानों से अपील की जा रही है कि अपने मवेशियों में किसी भी प्रकार कें लक्षण होने पशु चिकित्सालय में सम्पर्क करें। इनके लक्षणों में शरीर पर दाने, पैरों में सूजन, कमजोरी, बुखार, खाने में कमी और दूध की कमी हो जाते हैं। इसके आलवा किसान भाई उनसे सीधे इस नम्बर पर 9009995221 संपर्क कर सकते हैं।

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