माटुंगा फ्लाईओवर- अति-क्रमण से अति-सुंदर तक
मुंबई। सपनों का शहर कहे जाने वाले मुंबई में माटुंगा एक जगह है, जहां से एक लंबा फ्लाईओवर गुजरता है। कभी इसके नीचे अतिक्रमण था, गंदगी थी, कूड़ा-कचरा और मिट्टी के ढेर के बीच सड़ता हुआ पानी था, जिससे दिन भर बदबू आती है। आज अगर आप यहां जायेंगे, तो एक ही शब्द आपके मुंह से निकलेगा- अतिसुंदर। और सुनिये यह मेहनत सरकार की नहीं बल्कि स्थानीय लोगों की है, जिन्होंने मिलकर इस जगह का कायाकल्प किया है।

फ्लाईओवर का सफर
जब यह फ्लाईओवर बनकर तैयार हुआ तो, इस राह से गुजरने वालों को बड़ी राहत मिली। लेकिन स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल होने लगा। क्योंकि लोग फ्लाईओवर के नीचे कूड़ा फेंकने लगे। जुआड़ी जुआ खेलने लगे, कुछ के लिये यह शराब का अड्डा बन गया और आवारा जानवरों के लिये बसेरा। जिस वजह से गोबर से लेकर कूड़े के ढेर यहां मिलते थे। तभी माटुंगा के कुछ लोगों ने स्वयं फैसला किया कि यहां कुछ अलग करना है।
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इन लोगों ने धीरे-धीरे करके चेन बनायी और इस ग्रुप से 40 परिवार जुड़ गये। सभी ने पैसा जुटाना शुरू किया और सबसे पहले फ्लाईओवर के नीचे 24 घंटे के लिये सिक्योरिटी गार्ड को तैनात किया। बीएमसी के सफाईकर्मियों को पैसा देकर झाड़ू लगवाना भी शुरू कर दिया।
माटुंगा फ्लाईओवर गार्डन
और फिर कुछ ही दिन बाद चारों तरफ से बैरिकेडिंग करवा दी। 2011 में इस समूह ने स्थानीय सरकारी निकाय से यहां पर छोटा सा पार्क बनाने की मांग की। बीएमसी नखरे करती रही लेकिन यह समूह पीछे नहीं हटा। एक के बाद एक एप्लीकेशन ये लोग देते रहे। और आज आलम यह है कि यह पूरा इलाका अतिक्रमण से मुक्त है। और सुनिये इसके नीचे एक पार्क भी बन गया है। गार्डन का नाम है नानालाल डी. मेहता गार्डन रखा गया है।
गार्डन की डिजाइन नरमदा नदी के जैसी है। 600 मीटर का पाथवे है, जिस पर अब लोग मॉर्निंग वॉक करते हैं। 300 बल्ब लगे हैं, जिनकी रौशनी में शाम को लोग गप्पे लड़ाते हैं। और तो और 11 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो इस जगह की सुरक्षा को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।












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