गोपीनाथ मुंडे ने देखा था सपना कैसे होगा पूरा
मुंबई। महाराष्ट्र राजनीति के किंगमेकर गोपीनाथ मुंडे ने कभी सत्ता परिवर्तन का सपना देखा था, इसको पूरा करने के लिए मुंडे ने महाराष्ट्र की जमीनी स्तर की राजनीति में कई प्रयास किए। कई आंदोलन भी उन्होंने किया जिसकी बदोलत आज भी वह पिछड़े से लकर महाराष्ट्र की जनता वर्ग के चहेते चेहरा रहे थे।

मुंडे की मृत्यु के बाद उनकी बेटी पंकजा मुंडे ने उनके सत्ता परिवर्तन के सपने का जिक्र किया है। पंकजा का कहना है कि गोपीनाथ मुंडे ने महाराष्ट्र की सत्ता परिवर्तन का जो सपना देखा था उसके पूरा होने का समय आ गया है। अब इसके बाद यही सवाल है कि क्या पंकजा अपने पिता का सपना पूरा कर पाएंगी।
पानी तो तभी फिर गया था
दरअसल, दिवंगत गोपीनाथ मुंडे के सपने पर तो पानी उसी समय फिर गया था जब उनकी अचानक एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि महाराष्ट्र में भाजपा का अस्तित्व बचाए रखने और बनाने का श्रेय गोपीनाथ मुंडे को ही जाता है। लेकिन क्या गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु के बाद भी जनता उतना ही प्यार भाजपा पर लुटाएगी। खैर, चुनाव के नतीजों के आधार पर ही कहा जा सकता है।
यदि भाजपा जीती तो.. ?
अगर भाजपा पर जनता ने वोट के माध्यम से सहानुभूति दिखाई तो मुख्यमंत्री के पद की होड़ से जनता का गुस्सा फिर से उमड़ सकता है। जनता हताश हो सकती है। गोपीनाथ मुंडे का सपना तो तभी साकार हो सकता है जब की बेटी पंकजा मुंडे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद दिया जाए।
लेकिन नितिन गडकरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस इस रेस में आगे दौड़ रहे हैं। जबकि जनता की सहानुभूति भाजपा की तरफ महज दो वजहों से है। एक, नरेंद्र मोदी और दूसरा, गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा के लिए।
यह राजनीतिक पेंच
महाराष्ट्र भाजपा में कद्दावर नेता गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु के बाद भाजपा में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की पदवी संभालने के लिए कोई बड़ा मराठी चेहरा सामने नहीं आ पा रहा है। हालांकि संकेत इस बात के भी हैं कि महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस मुख्यमंत्री के तौर पर खुद अपने आप को प्रोजेक्ट करने के प्रयास कर रहे हैं। उनकी ओर से सोशल मीडिया पर लगातार जारी प्रचार से जाहिर हो रहा है कि वह मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखते हैं।
फडनवीस नागपुर से एमएलए हैं। वहीं, नीतिन गडकरी भी नागपुर से आते हैं। इस समय केंद्र सरकार में परिवहन मंत्री हैं। ऐसे में सबसे बड़ी दुविधा भाजपा के लिए मुख्यमंत्री के लिए या नीतिन गडकरी ही एक ऐसा चेहरा है जिसको वह मुख्यमंत्री के तौर पर सामने ला सकती है। जिसेस अंदरूनी विवाद छिड़ने के काफी आसार हैं।












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