मानहानि केस: समीर वानखेड़े के पिता के मुकदमे पर सुनवाई पूरी, हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े द्वारा एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे पर बॉम्बे हाई कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है।
मुंबई, 12 नवंबर। मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े द्वारा एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे पर बॉम्बे हाई कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि ध्यानदेव वानखेड़े ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ मीडिया में अभद्र टिप्पणी और झूठी व गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। बता दें कि नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की जाति और धर्म पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि समीर मुस्लिम थे, लेकिन नौकरी में आरक्षण का लाभ लेने के लिए उन्होंने अपने जाति और धर्म को छुपाया। वहीं समीर वानखेड़े के पिता ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि जब मैं कभी मुसलमान नहीं रहा तो मेरा बेटा कैसे हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि नवाब मलिक की मीडिया में टिप्पणी से उनके परिवार की छवि धूमिल हुई है।
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बता दें कि कोर्ट ने नवाब मलिक से कहा था कि आपने वानखेड़े और उनके परिवार को लेकर जो सोशल मीडिया पर टिप्पणी की, उसे आपने पहले सत्यापित किया था या नहीं इस बारे में आप कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें। वहीं कोर्ट ने आगे कहा था कि चूंकि समीर वानखेड़े एक सरकारी अधिकारी है, इसलिए उनके खिलाफ किसी को भी जानकारी प्राप्त करने का हक है।












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