पत्नी का लेटनाइट पार्टी करने,शराब पीने पर नहीं मिलेगा तलाक
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के संबंधों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले के तहत अब पत्नी के पार्टी करने और देर से घर आने या फिर शराब पीने को तलाक का आधार नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने पत्नी के देर रात तक पार्टी करने को पति के साथ मानसिक हिंसा मानने से इनकार करते हुए फैमिली कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया है।

दरअसल एक केस की सुनवाई करते हुए महिला के पति ने दावा किया उसकी पत्नी अक्सर पार्टी में जाया करती थी और उससे बुरी तरह से पेश आती थी। इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इसे तलाक का आधार नहीं बनाया जा सकते है। हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल कल्चर और ट्रेडिशनल चैंजेंस के कारण इस आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता है।
आपको बता दें कि फैमिली कोर्ट ने साल 2011 में इसे आधार मानते हुए दंपति की तलाक दे दिया था, लेकिन पत्नी ने जब इस फैसले को एपिलेट कोर्ट में चुनौती दी तब फैसला पत्नी के हक में आया। जिसके बाद पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
गौरतलब है कि नौसेनिक राजेश चावला ने हाईकोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी लेट नाइट पार्टी में जाती है और कई अवसरों पर उसके साथ हुरा व्यवहार करती है।इस केस के दौरान कोर्ट ने कहा कि पत्नी पार्टी कर राजेश को किसी तरह से मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना दी हो। कोर्ट के फैसले पर राजेश ने कोर्ट में कहा कि सीमा उस पर अय्याशी का आरोप लगाकर मानसिक रुप से प्रताड़ित करती है।












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