मनी लॉन्ड्रिंग केस में ओमकार ग्रुप और सचिन जोशी पर ED की बड़ी कार्रवाई, 410 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
मुंबई, जनवरी 15। मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शनिवार को रियल एस्टेट ग्रुप ओमकार डेवलपर और अभिनेता-फिल्म निर्माता सचिन जोशी की करीब 410 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त कर लिया है। इसमें 330 करोड़ रुपए के फ्लैट शामिल हैं। ये फ्लैट वर्ली इलाके में हैं। आपको बता दें कि ईडी ने ये कार्रवाई लोन फ्रॉड केस में पीएमएलए एक्ट के तहत की है।

इस कार्रवाई को लेकर ईडी के अधिकारियों ने बताया है कि लगभग 330 करोड़ रुपये के फ्लैट्स को बिक्री भवन के टॉवर सी यानि ओमकार 1973 के वर्ली में मेसर्स ओमकार समूह और एक कंपनी से संबंधित लगभग 80 करोड़ रुपये मूल्य के पुणे के विरम में स्थित एक खुली भूमि को अटैच किया है। यह सचिन जोशी के स्वामित्व में है। ईडी ने सिटी चौक पुलिस स्टेशन, औरंगाबाद द्वारा 2020 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
कौन हैं सचिन जोशी
आपको बता दें सचिन जोशी कुछ तेलुगु और हिंदी फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। जेएमजे समूह के प्रमोटर और व्यवसायी जे एम जोशी के बेटे हैं, जो गुटखा और पान मसाला निर्माण और आतिथ्य व्यवसाय में भी हैं। सचिन जोशी ने कुछ फिल्मों का प्रोडक्शन भी किया है।
आपको बता दें कि पिछले एक साल से इस मामले की जांच चल रही थी। जांच में पाया गया है कि ओंकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ओआरडीपीएल) की सहयोगी कंपनी सुराणा डेवलपर्स वडाला ने फर्जी तरीके से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों की संख्या और एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) के जरिए 410 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। इसमें से 380 करोड़ रुपए की राशि को ओमकार ग्रुप ने फ्लैटों की बिक्री में इस्तेमाल किया। वहीं 80 करोड़ रुपए की राशि सचिन जोशी ने इस्तेमाल में ली।
आपको बता दें कि ईडी ने पिछले साल जनवरी में इन संस्थाओं पर छापा मारा था और मार्च में चार्जशीट दायर की थी जिसमें ओमकार रिलेटर्स एंड डेवलपर्स के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता (62), इसके प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा (51) और सचिन जोशी (37) और उनकी कंपनियों के नाम थे। ईडी ने तीनों को पिछले साल अरेस्ट किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में ही सचिन जोशी को 4 महीने की अस्थायी जमानत दे दी थी।












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