Bulli Bai App Case: नीरज बिश्नोई और पांच अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
बुली भाई ऐप के निर्माता नीरज बिश्नोई (21) और पांच अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है
मुंबई, 31 जनवरी। बुली भाई ऐप के निर्माता नीरज बिश्नोई (21) और पांच अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सभी आरोपियों को सोमवार को मुंबई की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

असम के जोरहाट के रहने वाले और बी.टेक द्वितीय वर्ष के छात्र बिश्नोई को दिल्ली पुलिस ने पहली बार 6 जनवरी को गिरफ्तार किया था और बाद में ओंकारेश्वर ठाकुर के साथ नीरज बिश्नोई को मुंबई साइबर पुलिस ने दिल्ली की एक जेल से अपनी हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों को बांद्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उनकी 27 जनवरी तक की कस्टडी का आदेश दिया। ठाकुर को 27 जनवरी को न्यायिक हिरासत में रखा गया था, लेकिन बिश्नोई की हिरासत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी गई थी।
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पुलिस ने पाया कि बिश्नोई, हिरासत में लिए गए अन्य संदिग्धों के साथ पारंपरिक महासभा का सदस्य था। दरअसल बिश्नोई इस बात से प्रेरित था कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद, दिल्ली पुलिस पिछले साल जून-जुलाई में सुल्ली डील ऐप के अपराधियों को पकड़ने में असमर्थ थी। कल, दिल्ली की एक अदालत ने 'बुली बाई' ऐप के निर्माता नीरज बिश्नोई को इस तथ्य का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि आरोपी ने एक निश्चित समुदाय की कई महिला पत्रकारों को निशाना बनाया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि अपराध की गंभीरता, उन पर लगाए गए गंभीर आरोप और जांच के प्रारंभिक चरण में मुझे ऐसा कोई वाजिव कारण नजर नहीं आता जिसके आधार पर आरोपी को जमानत दी जाए।












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