ट्रेनों नें भजन गाने और ताश खेलने पर हुईं 1035 गिरफ्तारियां, 12 लाख जुर्माना
मुंबई। पिछले पांच साल में सेन्ट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने मुंबई की लोकल ट्रेनों में ताश खेलने और भजन गाने पर 1035 गिरफ्तारियां की और 12 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया। एक आरटीआई के जवाब में ये बात सामने आई है।

लोकल ट्रेनों में समूह में बैठकर ताश खेलते लोग आपने अक्सर देखे होंगे। साथ ही भजन और कव्वाली गाने वालों की टोली से भी आपका पाला पड़ा होगा।
इसी तरह के गायकों और ताश खेलने वालों से परेशान आरटीआई कार्यकर्ता मंसूर दरवेश ने सेन्ट्रल और वैस्टर्न रेलवे से जानकारी मांगी थी कि मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में ऐसा करने वालों के खिलाफ रेलवे ने क्या कार्रवाई की।
ये जानकारी 1 जनवरी 2011 से 30 मई 2016 के बीच मुंबई की लोकल ट्रेनों में इस बाबत हुई कार्रवाई के बारे में मांगी गई थी।
रेलवे से खुश नहीं आरटीआई कार्यकर्ता
आरटीआई के जवाब में सेंट्रल के रेलवे ने बताया कि इस अवधि में 7 लोग भजन और कव्वाली गाने के लिए जबकि 378 लोगों को ताश खेलने के लिए गिरफ्तार किया गया। सेंट्रल रेलवे ने बताया कि 1,10, 985 रुपये का जु्र्माना ऐसा करने वालों पर लगाया गया।
वहीं वेस्टर्न रेलवे ने आरटीआई के जवाब में बताया कि 6 लोग भजन और कव्वाली गाने के लिए जबकि 644 लोग ताश खेलते हुए गिरफ्तार हुए। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, ताश खेलने और भजन गाने वालों से 11,51,878 जुर्माना वसूला गया।
इस तरह पांच साल में 12,62,863 रुपये का जुर्माना वसूला गया जबकि 1035 की गिरफ्तारी हुई। इस सबके बावजूद, रेलवे की इस कार्रवाई से आरटीआई कार्यकर्ता मंसूर दरवेश खुश नहीं है।
मंसूर का कहना है कि मैं पिछले 40 साल से मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर कर रहा हूं। रेलवे ट्रेनों में बढ़ती गैरकानूनी गतिवधियों को नजरअंदाज करता रहता है, जिससे लगातार आसामाजिक तत्व ट्रेनों में बढ़ रहे हैं। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।












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