प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को बेहोश करके किया निर्वस्त्र और फेंक दिया नहर में जिंदा

मुरैना में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को जिंदा नगर में फेक दिया जिससे पति की मौत हो गई, पति की सिम से अपने प्रेमी की कराती रही दो साल तक अपनी सास से बात

मुरैना, 16 अगस्त। मुरैना में एक महिला ने अपने पति से छुटकारा पाने के लिए पहले एक युवक को अपने प्रेम जाल में फंसाया और इसके बाद अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को ही मौत के घाट उतार दिया। पत्नी ने अपने पति के लिए बाजरे की रोटियों के लड्डू बनाए और उसमें नींद की गोलियां मिला दी। इसके बाद प्रेमी के साथ मिल कर जिंदा पति को निर्वस्त्र करके नहर में फेंक दिया।

छत का पुरा गांव में हुआ घटनाक्रम

छत का पुरा गांव में हुआ घटनाक्रम

छत का पुरा गांव में रहने वाले विश्वनाथ सखवार को उसकी पत्नी राजकुमारी ने हीं मौत के घाट उतार दिया। इसके लिए राजकुमारी ने अपने प्रेमी अरविंद सखवार का सहारा लिया। राजकुमारी ने अपने पति को बाजरे की रोटियों का लड्डू बनाकर उसमें नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। इसके बाद अपने प्रेमी अरविंद को बुलाया और पति को बेहोशी की हालत में दूध की गाड़ी में बिठाकर सिकरौदा नहर तक ले गई। यहां पहले राजकुमारी ने अपने पति विश्वनाथ के पूरे कपड़े उतार कर उसे निर्वस्त्र कर दिया और फिर अपने प्रेमी के साथ मिल कर जिंदा पति को सिकरौदा नहर में फेंक दिया। पति को नहर में फेंकने से पहले पत्नी राजकुमारी ने पति के मोबाइल की सिम भी निकाल ली और मोबाइल को पति के साथ ही नहर में फेंक दिया।

प्रेमी को पति बताकर सास से करवाती रही 2 साल तक बात

प्रेमी को पति बताकर सास से करवाती रही 2 साल तक बात

पति को नहर में फेंकने के बाद राजकुमारी घर आ गई। उसने अपनी सास को बताया कि विश्वनाथ को गुजरात में अच्छी नौकरी मिल गई है इसलिए वे गुजरात चले गए हैं। कुछ महीने बाद राजकुमारी गांव छोड़कर मुरैना आकर रहने लगी और यहां उसका प्रेमी अरविंद भी उसके साथ रहने लगा। अरविंद ने अपने मोबाइल में विश्वनाथ की सिम डाल ली थी। राजकुमारी की सास जब भी अपने बेटे विश्वनाथ से बात करने के लिए फोन लगाती तो अरविंद ही विश्वनाथ बनकर बात कर लेता था। विश्वनाथ की मां को सुनने और देखने में परेशानी थी इसलिए वह अरविंद की पहचान नहीं कर सकी।

विश्वनाथ की बहन ने पहचान ली अरविंद की आवाज और पहुंच गई पुलिस के पास

विश्वनाथ की बहन ने पहचान ली अरविंद की आवाज और पहुंच गई पुलिस के पास

काफी समय तक जब विश्वनाथ की बात उसकी बहन वंदना से नहीं हुई थी तो बहन ने विश्वनाथ का नंबर लेकर उसे फोन लगाया। फोन पर किसी और की आवाज से वंदना समझ गई कि उसके भाई की जगह कोई और बात कर रहा है। वंदना अपनी मां को लेकर सीधा पुलिस के पास पहुंची और पूरा मामला बताया। पुलिस ने जैसे ही विश्वनाथ की सिम पर कॉल किया और बात करना शुरू की तो अरविंद घबरा गया और उसने फोन काट दिया।

साइबर सेल की मदद से पुलिस ने जुटाए साक्ष्य

साइबर सेल की मदद से पुलिस ने जुटाए साक्ष्य

साइबर सेल की मदद से पुलिस ने पता लगाया कि विश्वनाथ की सिम अरविंद के मोबाइल में चल रही है। पिछले 2 साल से अरविंद के मोबाइल में विश्वनाथ की सिम का उपयोग किया जा रहा था। इस बात से पुलिस का शक गहरा गया और पुलिस ने राजकुमारी और अरविंद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसके बाद दोनों ने ही अपना जुर्म कबूल कर लिया।

विश्वनाथ की लाश लावारिस होने की वजह से नहीं हो पाई थी पहचान

विश्वनाथ की लाश लावारिस होने की वजह से नहीं हो पाई थी पहचान

24 नवंबर 2020 को नहर के पानी में विश्वनाथ की सड़ी गली लाश मिली थी इसलिए विश्वनाथ की लाश की पहचान नहीं हो पाई थी और पोस्टमार्टम में भी विश्वनाथ की मौत की सही वजह निकलकर नहीं आई थी। इस वजह से पुलिस ने लाश को अज्ञात समझ कर उसे उसे दफना दिया था।

विश्वनाथ की फसल बटाई का काम करता था अरविंद

विश्वनाथ की फसल बटाई का काम करता था अरविंद

अरविंद विश्वनाथ की फसल की कटाई का काम करता था इसलिए उसका विश्वनाथ के घर पर आना जाना था। इसी दौरान विश्वनाथ की पत्नी राजकुमारी अरविंद के संपर्क में आ गई और उससे प्यार करने लगी। दोनों एक दूसरे से मोहब्बत करने लगे। राजकुमारी अपने पति द्वारा परेशान किए जाने से बहुत दुखी हो गई थी। राजकुमारी का कहना था कि उसके पैर में एक सफेद दाग है और इसको लेकर उसके ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे और पति अक्सर मारपीट करता था। इसी वजह से उसने यह साजिश रची थी।

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