Morena Killing: प्रेमी जोड़े की हत्या कर मगरमच्छों को खिलाई लाशें, बेसन का पुतला दहन कर ब्राह्मण भोज कराया
Morena Honour Killing: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। जहां लड़की के घर वालों ने प्रेमी युगल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों की लाश को पत्थर से बांध कर चंबल नदी में फेंक दिया। ताकि दोनों के लाशों को मगरमच्छ नोच-नोच कर खा जाएं। उधर चंबल नदी में दो दिनों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम शिवानी और छोटू की लाशों की तलाश में जुटी हैं।
उधर युवक के परिजन लाश ना मिलने की उम्मीद छोड़ दी है। युवक के परिजन को पुलिस से पहले ही पता लग गया था कि युवक का मर्डर कर लाश नष्ट कर दिया है। इसीलिए युवक के परिजन ने युवक के नाम से बेसन का पुतला बनाया। अर्थी पर रखकर घर से मुक्तिधाम तक अंतिम यात्रा निकालकर मुक्तिधाम में पुतले का दाह संस्कार किया गया। 19 जून की दोपहर में परिवार ने गांव में कन्या व ब्राह्मण भोज भी कराया।

पूरा मामला मुरैना जिले के अंबाह के ग्राम रतनबसई निवासी 18 वर्षीय शिवानी का बालूपुरा गांव के 21 वर्षीय राधेश्याम उर्फ छोटू तोमर के साथ प्रेम प्रसंग चलता था। 3 जून से गुमशुदा प्रेमी जोड़ा को लेकर पुलिस का दबाव बढ़ने पर 18 जून को शिवानी के पिता राजपाल सिंह तोमर ने स्वीकार किया था कि दोनों का मर्डर कर लाशों को चंबल नदी में बहा दिए हैं।
बयान के आधार पर पुलिस 6 आरोपियों को पकड़कर नदी में लाशों की खोजबीन शुरू की परंतु सोमवार शाम तक चंबल के रे घाट से लेकर रूअर तक चार किलोमीटर एरिया मे गोताखोरों और एसडीआरएफ को नदी में लाशों को लेकर कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार 15 दिन में लाशों को मगरमच्छ, घड़ियाल जैसे वन्य जीव खा भी लेते तो कपड़े जूते चप्पल अन्य सुराग कुछ ना कुछ मिल ही जाता।आरोपी पिता राजपाल के अनुसार यह भी कहा था कि रिश्तेदारों ने छोटू को बीहड़ में ले जाकर लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने इस बयान अनुसार बीहड़ में भी खोजबीन शुरू की है। उधर छोटू के परिजन लाशों के ना मिलने की आस छोड़कर छोटू के नाम का पुतला बनाकर दाह संस्कार और आत्मशांति के लिए तेरहवीं भोज करवा दिया है।
राजपाल सिंह तोमर ने लाशों को ट्रैक्टर-ट्राली में रखकर रात के अंधेरे में चंबल नदी में फेंकने की बात स्वीकार की है। ट्रैक्टर-ट्राली के बारे में पूछे जाने पर बताया कि जल्दबाजी में किसी को 1 लाख रुपये में बिक्री कर दिया है। किसे बेचा यह नहीं पता।
लाशों साथ जूते चप्पल और कपड़े सहित फेंकने की बात कही, जब पूछा गया कि लाशों मगरमच्छ- घड़ियाल जानवर खा गए होंगे तो कपड़े का टुकड़ा, जूता-चप्पल कुछ तो सुराग मिलता। इसके बाद राजपाल ने बताया कि सारे सामान में आग लगा दिया। बताया कहां जलाया यह नहीं पता। आरोपित पक्ष 3 जून के बाद से 5 दिन तक घर से गुमशुदा रहा। राजपाल सिंह तोमर ने तीन जून को ही मोबाइल बंद कर फेंक दिया, अब कह रहा है कि मोबाइल कहीं गुम गया है।
मुरैना पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार चंबल नदी में लाशों को फेंके हैं या नहीं? यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हो सकता है लाशों बीहड़ या कहीं और फेंक दिए गए हो। भटकाने के लिए चंबल की बात कही जा रही हो। टीम बीहड़ में उस क्षेत्र में भी जांच कर रही है। जहां हत्या की बात कही जा रही है।












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