रिपोर्ट: ज्यादा लोग खबरों से कर रहे परहेज, भरोसा भी घटा

नई दिल्ली, 15 जून। रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म की रिपोर्ट कहती है कि सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश लोग नियमित रूप से समाचार का उपभोग करते हैं. 38 फीसदी ने कहा कि वे अक्सर या कभी-कभी समाचार से बचते हैं. 2017 में ऐसे लोगों की संख्या 29 फीसदी थी. सर्वे में शामिल विशेष रूप से 35 वर्ष से कम आयु के लोगों का कहना है कि समाचार उनके मूड को उदासीन बनाता है.
घट रहा विश्वास
खबरों पर विश्वास भी घट रहा है और अमेरिका में यह सबसे कम है. औसतन 42 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अधिकांश समय बहुत से समाचारों पर भरोसा करते हैं. रिपोर्ट में यह आंकड़ा लगभग आधे देशों में गिर गया है और सात देशों में बढ़ गया है.
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रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म के निदेशक रासमुस क्लाइस नीलसन ने रिपोर्ट में लिखा, "बड़ी संख्या में लोग मीडिया को अनुचित राजनीतिक प्रभाव के अधीन देखते हैं. और केवल एक छोटे से अल्पसंख्यक का मानना है कि अधिकांश मीडिया कंपनी अपने खुद के व्यावसायिक हित के आगे समाज के लिए सबसे अच्छा क्या वह पेश करती हैं."
यह रिपोर्ट 46 बाजारों के 93,432 लोगों के ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है. रिपोर्ट में पाया गया कि युवा पाठक खबरों तक टिक टॉक जैसे मंचों से तेजी पहुंच रहे हैं और न्यूज ब्रांड्स के साथ उनके संबंध कमजोर हैं.
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हर हफ्ते 18 से 24 साल के 78 फीसदी युवा न्यूज एग्रीगेटर्स या अलग-अलग जगह छपी खबरों को एक जगह परोसने वाली वेबसाइट, सर्च इंजन और सोशल मीडिया के जरिए खबरों तक पहुंच बनाते हैं. इस आयु वर्ग के 40 प्रतिशत लोग हर हफ्ते टिक टॉक का इस्तेमाल करते हैं. जिनमें से 15 फीसदी लोगों का कहना है कि वे इसका इस्तेमाल खबर खोजने, चर्चा करने या उसे साझा करने के लिए करते हैं.
एए/सीके (रॉयटर्स)
Source: DW












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