Moradabad: भूल सुधारने के लिए पिता ने बेटी को बनाया 'दूल्हा', ढोल नगाड़ों के साथ कुछ यूं निकाली बारात

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में शादी ठीक एक दिन पहले राजेश शर्मा ने अपनी बेटी श्वेता की ढोल-नगाड़ों के संग घुड़चढ़ी निकली। इस घुड़चढ़ी को देखकर लोग हैरात में पड़ गए। तो वहीं, अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Unique Wedding In Moradabad: घोड़े और बग्घी पर चढ़कर आपने दूल्हों को घुड़चढ़ी करते तो हजारों बार देखा होगा। लेकिन, क्या आपने कभी किसी दुल्हन को घुड़चढ़ी करते हुए देखा है...नहीं ना। मगर आज हम आपको ऐसी ही एक अनोखी घुड़चढ़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां शादी से ठीक एक दिन पहले पिता ने अपनी बेटी की दूल्हे की तरह घुड़चढ़ी कराई। तो वहीं, बग्घी के आगे ढ़ोल नगाड़ों और डीजे की धुन पर बाराती जमकर थिरके। इस बारात को देखकर आसपास के लोग भी हैरात में पड़ गए।

दूल्हे की तरह निकली श्वेता की घुड़चढ़ी

दूल्हे की तरह निकली श्वेता की घुड़चढ़ी

दुल्हन के पिता का कहना है कि लड़कों की तरह उन्होंने अपनी बेटी की घुड़चढ़ी की है। यह उन्होंने महिलाओं को समानता का अधिकार देने के लिए किया है। इसमें परिवार के सभी लोगों ने उनका सहयोग किया। बाकायदा हिमगिरी कॉलोनी में फैशन डिजाइनर श्वेता की बारात चढ़ी। मंदिर में पूजा हुई और सभी रस्में भी निभाई गईं, जो शादी में एक दूल्हा निभाता है। आपको बता दें कि यह अनोखी घुड़चढ़ी मुरादाबाद के राम गंगा विहार स्थित हिमगिरी कॉलोनी की है।

दूल्हे की तरह निभाई सारी रस्में

दूल्हे की तरह निभाई सारी रस्में

हिमगिरी कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश महामंत्री है। राजेश शर्मा की फैशन डिजाइनर बेटी श्वेता शर्मा की आज बुधवार 07 दिसंबर को शादी है। शादी से ठीक 1 दिन पहले यानी 06 दिसंबर को राजेश शर्मा ने अपनी बेटी श्वेता शर्मा की जोर-शोर से ढोल, बैंड-बाजों के साथ बारात निकाली। यह देखकर आसपास के रहने वालों के साथ सभी लोग हैरान हो गए। क्योंकि, यह बारात ठीक वैसे ही निकली, जैसे दूल्हे अपनी शादी के दौरान तैयार होते हैं और बारात निकालते हैं।

27 साल पुरानी भूल सुधारने के लिए निकाली घुड़चढ़ी

27 साल पुरानी भूल सुधारने के लिए निकाली घुड़चढ़ी

वहीं, इलाके में यह अनोखी घुड़चढ़ी चर्चा का विषय बनी हुई है और यह खबर अब मीडिया की भी सुर्खियों में आ गई। श्वेता के पिता राजेश शर्मा की मानें तो उनके इस कार्य से बेटियों और बेटों में भेदभाव की मानसिकता रखने वाले लोगों में बदलाव आएगा। जब बेटा होता है तो लोग खुशियां मनाते हैं, लेकिन जब बेटी होती है तो दुखी हो जाते हैं। जब 27 साल पहले मेरे बेटी हुई थी तो मैंने खुशियां नहीं मनाई थी। मैंने बेटी और बेटे के जन्म में फर्क कर पक्षपात किया था। अब ये बात मेरे मन को कचोटती थी।

लड़कियों को मिलना चाहिए समानता का अधिकार

लड़कियों को मिलना चाहिए समानता का अधिकार

मैंने तय कर लिया था कि मैं अपनी भूल का सुधार करूंगा। इसके लिए मैंने बेटी के विवाह के अवसर को चुना। जब बेटों की घुड़चढ़ी हो सकती है तो फिर बेटियों की क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि लड़कियों को भी समानता का अधिकार मिलना चाहिए, इसलिए बेटी के विवाह के अवसर पर मैंने उस भूल का सुधार करते हुए अब बेटी की बारात निकाली है। इससे निश्चित रूप से समाज को प्रेरणा मिलेगी। ताकि वह भी बेटियों को समानता के अधिकार के साथ जीने का अवसर देंगे।

श्वेता की घुड़चढ़ी हर किसी की जुबान पर

श्वेता की घुड़चढ़ी हर किसी की जुबान पर

राजेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मेरे आईटीआई कॉलेज चलते हैं और पत्नी कुसुमलता शर्मा हाउसवाइफ हैं। एक बेटा है और एक बेटी। बेटा अंकित भारद्वाज इंजीनियर है और उसकी शादी 12 साल पहले हो चुकी है। वहीं, बेटी श्वेता फैशन डिजाइनर है और आज यानी बुधवार को उसकी शादी है। श्वेता की शादी लॉकल में ही हो रही है। दूल्हा सिद्धांत शर्मा इंजीनियर है और एक आईटी कंपनी में काम करता है। तो वहीं, अब श्वेता की घुड़चढ़ी शहर में हर किसी की जुबान पर है।

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