चुनाव ड्यूटी के लिए जा रही टीचर के साथ रास्ते में हुआ हादसा, हार गई जिंदगी की जंग
Mirzapur news, मिर्जापुर। 19 मई के लोकसभा चुनावी ड्यूटी में जाते समय 18 मई को घायल अध्यापिका स्नेहलता की मंगलवार की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। वह डगमगपुर के पास शनिवार को गाड़ी पर पेड़ की डाल गिरने से घायल हो गई थी। उसे वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कहा जा रहा है कि तीन दिन से घायल अध्यापिका जिंदगी-मौत से जंग लड़ रही थी, पर न तो उसे कोई प्रशासनिक मदद मिली न ही कोई अधिकारी उनको देखने पहुंचा। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

पोलिंग स्टाफ की गाड़ी पर गिरा था पेड़
राजगढ़ चौकी क्षेत्र के ददरा गांव निवासी 26 वर्षीय स्नेहलता पत्नी रणवीर क्षेत्र के कुड़ी प्राथमिक विद्यालय में टीचर थी। उनके पति रणवीर बलिया में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। शनिवार को स्नेहलता चुनावी ड्यूटी करने के लिए पॉलीटेक्निक से डीसीएम में सवार होकर नरायनपुर ब्लॉक के शुकुलपुर गांव प्राथमिक विद्यालय जा रही थी। रास्ते में पड़री थाना क्षेत्र के डगमगपुर के पास पीपल का पेड़ उस गाड़ी पर गिर गया। इससे अध्यापिका गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए वाराणसी के एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया।

तीन दिन तक अस्पताल में चला इलाज
चुनावी ड्यूटी के दौरान घायल होने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं हुई। परिजन अपने खर्चे पर उपचार कराते रहे। तीन दिन के उपचार के बाद सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। इस बीच न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने पहुंचने की जहमत उठाई न ही कोई सहायता मिली। प्रशासन के इस रवैये से परिजनों ने नाराजगी जताते हुए लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप था कि प्रशासन की ओर से सहयोग मिलता तो जान बचाई जा सकती थी। सोमवार को भाजपा नेता अखिलेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया। डीएम के आदेश पर मंगलवार की सुबह बीएसए वाराणसी अस्पताल पहुंचे। तब तक अध्यापिका की मौत हो चुकी थी। अध्यापिका को एक वर्ष की बच्ची है।

परिजनों को 15 लाख की आर्थिक सहायता
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग पटेल ने लोकसभा चुनाव की ड्यूटी के लिए पोलिंग पार्टी की रवानगी के दिन पेड़ की डाल गिरने से घायल महिला मतदान कार्मिक स्नेहलता की मृत्यु पर गहरा दु:ख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मृतिका के परिजनों को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को घटना की जानकारी दी गई और एयर एम्बुलेंस की भी मांग गई परंतु तत्कल उपलब्ध कराने के असमर्थता व्यक्त की गई। इसी बीच स्नेहलता की मौत हो गई। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने उनके परिजन को सहायता के लिए 15 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह धनराशि पहले 10 लाख थी। इसे बढ़ा दिया गया












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