Mirzapur: डॉक्टर बोले- बेड नहीं है, मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाएं, विधायक ने डिप्टी सीएम को किया फोन

Mirzapur मंडलीय अस्पताल में वेंटिलेटर न होने का बहाना बनाते हुए चिकित्सकों ने वृद्ध मरीज को रेफर कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे विधायक चिकित्सकों को खरी-खोटी सुनाने के साथ ही डिप्टी सीएम को फोन कर दिए

सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशान होना पड़ता है। सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद भी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में रेफर कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला Mirzapur से सामने आया है। मंडलीय अस्पताल में बेड न होने का बहाना बनाकर चिकित्सकों द्वारा वृद्ध मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाने लगा। विधायक के फोन करने के बाद भी डॉक्‍टर वृद्ध को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हुए। बाद में मौके पर पहुंचे विधायक ने डिप्टी सीएम को फोन लगा दिया। उसके बाद डॉक्‍टरों ने मरीज को अस्‍पताल में भर्ती किया।

वृद्ध को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ

वृद्ध को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ

दरअसल मिर्जापुर जिले के संकट मोचन मोहल्ला के रहने वाले गुलाब चंद्र जायसवाल (75) रविवार को बीमार हो गए। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उनके परिजन उन्हें लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक द्वारा वेंटिलेटर की सुविधा ना होने की बात कहते हुए वृद्ध को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाने लगा। परिजनों के आग्रह के बाद भी डॉक्टर वृद्ध को भर्ती नहीं किए। उसके बाद परिजनों ने नगर विधायक रत्नाकर मिश्र को फोन करके सूचना दिया।

विधायक को भी डॉक्‍टरों ने वही जवाब दिया

विधायक को भी डॉक्‍टरों ने वही जवाब दिया

परिजनों के फोन करने के बाद विधायक रत्नाकर मिश्र मंडलीय अस्पताल के चिकित्साधिकारी से बात किए। विधायक से फोन पर बात के दौरान चिकित्सकों द्वारा वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध न होने की बात कही गई। नेटवर्क ना होने का बहाना बनाते हुए डॉक्टरों ने विधायक का फोन काट दिया। नाराज विधायक रविवार की रात्रि 8 बजे मंडलीय अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में पहुंचने के बाद वे चिकित्सकों को जमकर फटकार लगाए। विधायक के फटकार लगाने के बाद अस्पताल में मौजूद चिकित्सक बीमार वृद्ध को अस्पताल में भर्ती किए।

डिप्टी सीएम को लगा दिए फोन

डिप्टी सीएम को लगा दिए फोन

मंडलीय अस्पताल पहुंचे विधायक रत्नाकर मित्र चिकित्सकों को जमकर खरी-खोटी सुनाए। उसके बाद उन्होंने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को फोन लगा दिया। पूरे मामले को उन्होंने डिप्टी सीएम को बताया और अस्पताल में मौजूद फरमासिस्ट से डिप्टी सीएम की बात कराए। डिप्टी सीएम से बात करवाने के बाद चिकित्सकों द्वारा वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था करते हुए वृद्ध मरीज का उपचार प्रारंभ हुआ। इस दौरान विधायक ने चिकित्साधिकारी को हिदायत देते हुए कहा कि आदत को सुधार लिजिए। मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि अस्पताल पहुंचने के बाद किसी भी मरीज व उनके परिजन को समस्या नहीं होना चाहिए।

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