लड़की पैदा होने के डर से पहले ही मां ने कर दिया मामा से कोख का सौदा फिर...
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार की रात एक नवजात बच्ची पर अधिकार को लेकर बच्ची के मां-बाप और गोद लेने वाले रिश्तेदारों के बीच जमकर तकरार हुई। एग्रीमेंट के बावजूद बच्ची को छीन लिए जाने से नाराज रिश्तेदारों ने नवजात के घर के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची और गोद देने वाले दंपत्ति को समझाने का प्रयास किया। लेकिन दंपत्ति बच्ची को वापस ना देने की बात पर अड़ गए। जिसके बाद पुलिस मौके से वापस लौट गई।

वहीं, नवजात को गोद लेने वाले रिश्तेदार भी मायूस होकर वापस चले गए। इस पूरे प्रकरण के चलते शनिवार को नवजात की छठी के लिए की गई तैयारियां धरी की धरी रह गई। क्षेत्र में यह पूरा प्रकरण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दरअसल मामला लालकुर्ती थाना क्षेत्र के जामुन मोहल्ले का है। बताया जाता है यहां रहने वाले एक दंपत्ति के पहले से ही दो पुत्री हैं। कुछ महीने पहले महिला दोबारा गर्भवती हुई। तीसरी संतान भी कहीं लड़की ना हो इसी आशंका से डरी महिला ने गाजियाबाद निवासी अपने मामा से संपर्क किया।
महिला के मामा के मुताबिक उनके और महिला के बीच में तय हुआ कि यदि महिला पुत्री को जन्म देती है तो अस्पताल का सारा खर्चा महिला के मामा उठाएंगे। वहीं, इसकी एवज में महिला अपनी नवजात पुत्री को अपने ममेरे भाई को गोद दे देगी। महिला के मामा के मुताबिक चार दिन पहले महिला ने एक पुत्री को जन्म दिया। जिसके बाद महिला और उसके पति ने गाजियाबाद निवासी मामा से अस्पताल का बिल भरवाते हुए बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया। इतना ही नहीं बच्ची गोद देने के लिए दोनों पक्षों के बीच लिखित एग्रीमेंट भी हुआ। जिसके बाद गोद लेने वाले रिश्तेदारों ने शनिवार के दिन बच्ची का छठी समारोह किए जाने की तैयारियां शुरू कर दी।
आरोप है कि शुक्रवार को बच्ची को जन्म देने वाली मां ने बीमारी का बहाना बनाकर अपने मामा को बच्ची लेकर मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वहां मौजूद दर्जनों लोगों ने नवजात को छीन लिया और वापस लौटाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद गाजियाबाद निवासी रिश्तेदारों ने दंपत्ति के घर के बाहर हंगामा करते हुए मामले की जानकारी पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मगर दंपत्ति ने एग्रीमेंट की बात को सिरे से नकारते हुए बच्ची वापस लौटाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी भी दोनों पक्षों को कोर्ट में लड़ाई लड़ने की सलाह देकर वापस लौट गए। जिसके बाद बच्ची को गोद लेने वाले गाजियाबाद निवासी रिश्तेदार भी हताश होकर अपने घर चले गए। उधर, यह पूरा प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।












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