Muskan Pregnant: गर्भवती निकली मुस्कान, जेल में शुरू हुआ स्पेशल ट्रीटमेंट, लेकिन क्या मिलेगी सजा से राहत?
Muskan Pregnant in Jail: जेल में बंद मुस्कान की जिंदगी ने एक और मोड़ ले लिया है। हत्या के आरोप में बंद इस युवती की हाल ही में हुई मेडिकल जांच में वह करीब 25 से 30 दिन की गर्भवती पाई गई है। इसके बाद से जेल प्रशासन ने उसकी देखभाल को लेकर अलग तैयारी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि सौरभ की हत्या के बाद जब मुस्कान और साहिल कसोल की ओर निकले थे, उसी दौरान वह गर्भवती हुई। अब जेल के नियमों के अनुसार उसे महिला गर्भवती कैदियों की बैरक में रखा जाएगा और तमाम जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी।

हत्या के बाद हिमाचल भागे थे साहिल और मुस्कान
ब्रह्मपुरी इलाके में 3 मार्च को हुई सौरभ की हत्या में मुस्कान और उसके साथी साहिल को मुख्य आरोपी माना गया है। दोनों ने कथित रूप से सौरभ की हत्या कर शव को एक ड्रम में डालकर सीमेंट से बंद कर दिया था।
हत्या के ठीक अगले दिन दोनों हिमाचल घूमने चले गए और 17 मार्च को वापस लौटे। 18 मार्च को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 19 मार्च को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जेल में मिलने पहुंची साहिल की नानी
सोमवार को साहिल से मिलने के लिए उसकी नानी पुष्पा दूसरी बार जेल पहुंचीं। उन्होंने कहा कि जल्द ही साहिल की जमानत होगी और वो बाहर आ जाएगा। पुष्पा का मानना है कि साहिल ने यह सब मुस्कान के कहने पर और नशे की हालत में किया।
उधर, मुस्कान की तबीयत बिगड़ने पर जिला महिला अस्पताल से गायनोकालोजिस्ट को बुलाया गया। डॉक्टर कोमल ने मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट किया, जिसमें वह गर्भवती पाई गई।
गर्भवती कैदी के लिए जेल में बने हैं अलग इंतजाम
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने पुष्टि की कि मुस्कान अब गर्भवती महिलाओं की बैरक में शिफ्ट की जाएगी। वहां उसे गर्भवती कैदियों के लिए उपलब्ध सभी सुविधाएं दी जाएंगी, जैसे कि विशेष भोजन, नियमित जांच और मानसिक सहयोग।
शर्मा के अनुसार, उससे अब कोई शारीरिक मेहनत वाला काम नहीं लिया जाएगा और समय-समय पर जेल अस्पताल के डॉक्टर उसकी मेडिकल जांच करेंगे।
गर्भवती होने पर भी नहीं मिलेगी सजा से राहत
इस मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि मुस्कान और साहिल के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। दोनों पर हत्या का गंभीर आरोप है, ऐसे में गर्भवती होने के बाद भी कानून से राहत मिलना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि सजा में छूट तभी मिलती है जब मानवीय आधार पर कोर्ट फैसला करे। फिलहाल मुस्कान से कोई भी रिश्तेदार या परिवार का सदस्य मिलने नहीं आया है।
अब क्या आगे की राह आसान होगी?
प्रेग्नेंसी ने मुस्कान की जेल की जिंदगी को कुछ अलग दिशा दे दी है, लेकिन क्या यह उसकी कानूनी मुश्किलों को कम कर पाएगा? इसका फैसला कोर्ट ही करेगा। फिलहाल, मुस्कान और साहिल 15 अप्रैल तक रिमांड पर हैं और अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
जमानत की अर्जी लगाई जा सकती है, लेकिन हत्या जैसे संगीन अपराध में कोर्ट का रुख सख्त ही रहता है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में मुस्कान की गर्भावस्था किस हद तक मामले को प्रभावित करती है।












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