जलती चिता पर गिरा श्मशान घाट का लेंटर, जानें क्या हुआ फिर?
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार की शाम एक श्मशान घाट में उस समय हड़कंप मच गया जब श्मशान घाट का जर्जर लेंटर जलती चिता पर गिर गया। घटना के बाद अंतिम क्रिया में शामिल होने आए ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबे शव को बाहर निकाल कर दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
दरअसल, कस्बे के मौहल्ला बड़ी पट्टी कि निवासी कालीचरण सब्जी बेचने का काम करता था। कालीचरण की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन और ग्रामीण शनिवार की शाम कालीचरण के शव का अंतिम संस्कार करने क्षेत्रीय श्मशान घाट में गए थे। बताया जाता है अंतिम संस्कार के बाद सभी लोग श्मशान घाट में एकत्र थे। इसी दौरान अचानक श्मशान घाट की जर्जर छत का लेंटर भरभरा कर जलती हुई चिता पर गिर गया। वहां मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबे को हटाकर चिता से अधजले शव को बाहर निकाला। इसके बाद दूसरे स्थान पर दूसरी चिता सजाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के परिजनों में जबरदस्त आक्रोश
उधर, घटना को लेकर ग्रामीणों और मृतक के परिजनों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार कहने के बावजूद क्षेत्रीय ग्राम जिला पंचायत सदस्य या ग्राम प्रधान ने श्मशान घाट के जीर्णोद्धार के लिए कोई काम नहीं किया। ग्रामीणों ने 3 दिन के भीतर श्मशान घाट की मरम्मत और पक्के रास्ते का निर्माण कराए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान ने सुनवाई नहीं की तो वह खुद चंदा एकत्र करके इस काम को पूरा कराएंगे, जिससे भविष्य में किसी शव की इस तरह बेकद्री ना हो।












Click it and Unblock the Notifications