मथुरा: आतिशबाजी से भरे मकान में हुआ धमाका, 200 मीटर दूर तक गिरा मलबा, एक की मौत
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घनी आबादी के बीच बने एक दो मंजिला मकान में रखे बारुद के ढेर में विस्फोट हो गया। धमाका इतना भयंकर था कि मकान के मलबे 200 मीटर दूर तक जा गिरे। वहीं, धमाके के बाद अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बता दें कि इस हादसे में बारूद मालिक जोगेंद्र की मौत हो गई है, जबकि उनकी पत्नी शिवानी सहित सात लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, सुरीर कोतवाली क्षेत्र के थोक कलां में जोगेंद्र सिंह के बाबा गंगाराम के नाम आतिशबाजी का लाइसेंस था। गंगाराम की मौत के बाद लाइसेंस निरस्त हो गया, लेकिन चोरी छिपे आतिशबाजी बनाने का काम हो रहा था। दीपावली के त्योहार को नजदीक देख पटाखे बनाने के लिए बारूद व आतिशबाजी का अवैध भंडारण कर रखा था। शुक्रवार की रात मकान के दूसरे मंजिल पर रखे बारूद व आतिशबाजी में धमाका हो गया।
तेज धमाके के साथ दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। जिसकी चपेट में आने से आसपास बॉबी जोशी, जबाहर व बृजकिशोर के मकान भी ध्वस्त हो गए। जिनके मलबे में दबने से चीख-पुकार मचने लगी। उधर, तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग व पुलिस मौके पर पहुंच गई। जेसीबी की मदद से मलबा हटा कर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवा दिया। जहां उपचार के दौरान जोगेंद्र की मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी शिवानी, मां इंद्रवती, बहन कल्लो, शशि आदि के अलावा पड़ोसी बॉबी जोशी, महेंद्र, विमला व दिव्यांशु समेत आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि जोगेंद्र सिंह बिना लाइसेंस के आतिशबाजी का काम करते थे। घनी आबादी में अपने घर पर जोगेंद्र ने आतिशबाजी का अवैध भंडारण कर रखा था। विस्फोट की चपेट में कई पशु भी आ गए। फिलहाल हादसे के बाद पुलिस और फायरकर्मी जांच में जुटे हैं। तो वहीं, देर रात हुए बारूद के धमाके ने पुलिस अफसरों की नींद उड़ा दी है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। लेकिन, पुलिस की नाक के नीचे हो रहे अवैध भंडारण की वजह से हुए हादसे पर पुलिस अफसर कुछ बोलने से बचते नजर आए।












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