Mathura: ट्रैफिक पुलिसकर्मी का वाहन चालक को थप्पड़ों और लातों से मारने का वीडियो हुआ वायरल
कहीं कान्हा की नगरी में दर्शन को आए श्रद्धालुओं की बस का किया चालान तो कहीं एक वाहन चालक को बेरहमी से पीटने का वीडियो हुआ वायरल। क्या मथुरा ट्रैफिक पुलिस की इस मनमर्जी पर प्रशासन की नजर नहीं है?

मथुरा ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह से बेलगाम है और मथुरा में चारों तरफ इस समय ट्रैफिक पुलिस ही चर्चाओं में बानी हुई हैं। आपने पूर्व में भी कई बार खबरों में देखा होगा कि किस प्रकार से ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालकों के साथ दबंगई दिखाते हुए उनके साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं और साफ तौर पर कहा जाए तो मथुरा ट्रैफिक पुलिस ने एकरूल अपना लिया है। यूपी 85 नंबर को छोड़कर अगर कोई भी गाड़ी दिख जाए तो उसको रोक कर उसका फोटो खींच कर उन्हें चालान काटने के लिए धमकी दो। फिर चाहें वाहन चालक ने सीट बेल्ट लगा रखी हो या सारे जरूरी कागजात उसके पास मौजूद हों। लेकिन मथुरा पुलिस अपने खेल को इसी प्रकार जारी रखती है।

'मंदिरों में घूमते हैं लेकिन उन्हें दक्षिणा ट्रैफिक पुलिस को देनी पड़ती है'
अगर मथुरा ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो 80% गाड़ियों के चालान मथुरा से बाहर के नंबरों के होंगे। साथ ही ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालकों के साथ दबंगई करने से भी बाज नहीं आते हैं। ऐसा ही मामला देखने को मिला जमुनापार क्षेत्र में, जहां एक बस में सवार होकर यात्री घूमने आए थे। लेकिन बस पर ट्रैफिक पुलिस की नजर पड़ गई और बस का ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काट दिया गया। बस में सवार लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि वे मंदिरों में घूमते हैं लेकिन उन्हें दक्षिणा ट्रैफिक पुलिस को देनी पड़ती है। अब आप ही अंदाजा लगाइए कि जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धार्मिक स्थानों पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हैं, वहीं उनके अधीनस्थ किस तरह का व्यवहार करते हैं। आप जरा इन खुद तीर्थयात्रियों की जुबानी सुनिए।

गाड़ी चालक से मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
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मामला यहीं खत्म नहीं होता है दूसरा वीडियो ट्रैफिक पुलिस का गोवर्धन चौराहे का है जहां पर वह एक गाड़ी चालक से मारपीट करते हुए नजर आते हैं। थप्पड़ की बात छोड़िए एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालक को लात से पीटते हुए भी तस्वीरों में नजर आता है। आखिरकार सवाल यह पैदा होता है कि ट्रैफिक पुलिस को आम जनमानस को पीटने का अधिकार किसने दिया। ट्रैफिक पुलिस नियम के अनुसार चालान तो काट सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं कर सकती। यह पूरी तरह से मानव अधिकार के उल्लंघन का मामला है।












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