'गोकुल की गलियों में मच रहा शोर, छड़ीमार होरी खेलन आयो नंदकिशोर', मुरलीधर घाट पर उड़ा सतरंगी गुलाल
Gokul Chhadimar Holi 2023: जहां ठाकुर जी ने पहली बार बंसी बजाई थी। वहीं पर गोकुल की सैकड़ों ग्वालिनों ने प्रेम से पगी छड़ी ग्वालों को मार कर ग्वालों के साथ छड़ीमार होली खेली।

जहां कल यानी शुक्रवार को मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि होली खेली गई थी, वहीं आज शनिवार को भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोकुल में छड़ी मार होली खेली गई। जिसमें गोकुल की ग्वालिनों ने कान्हा स्वरूप हुरियारों पर प्रेम से पगी छड़ियां बरसाई। गोकुल की गलियों में होली की धूम मच गई। हर तरफ गुलाल उड़ने लगा, मौसम सतरंगी बन गया। चारों तरफ रसियाओं की आवाज गूंजने लगी और होरी के रसिया टेसू के फूलों से बने रंग में सराबोर होकर आंनद लेते रहे।

कुछ इस अंदाज में सतरंगी हुआ गोकुल का वातावरण
गोकुल की इस विश्वप्रसिद्ध होली में शामिल होने देश विदेशों से हजारों की संख्या में श्रृद्धालु गोकुल पहुंचे। इस दौरान गोकुल की ग्वालिनें छड़ी लेकर डोला के साथ साथ चल रही थी। हंसी ठिठोली करते हुए ग्वाल ग्वालिन गोकुल की गलियों से गुजरते हुए मुरलीधर घाट पर पहुंचे, जहां ठाकुर जी ने पहली बार बंसी बजाई थी। वहीं पर गोकुल की सैकड़ों ग्वालिनों ने प्रेम से पगी छड़ी ग्वालों को मार कर ग्वालों के साथ छड़ीमार होली खेली।
गोकुल के मुरलीधर घाट पर उड़ा गुलाल सतरंगी हुआ माहौल
वहीं इस सुन्दर परंपरा के साक्षी बनने और उसका आनंद उठाने गोकुल पहुंचे हजारों श्रृद्धालु ब्रज के रसियाओं पर जमकर थिरके। आज ब्रज में 'होरी रे रसिया', 'गोकुल की गलियों में मच रहा शोर, होरी खेलन आयो नंदकिशोर', 'मेरे चुनरी लग गयो दाग री ऐसो चटक रंग डारो', जैसे अनेक रसियाओं पर श्रृद्धालु झूम झूम कर आनंद ले रहे थे।
इसके बाद जब देर शाम पुनः मंदिर के सेवायत पुजारी मथुरा दास जी ने ठाकुर जी की आरती की, तो पूरे परिसर में जयघोष होने लगा। ठाकुर जी का डोला नंदभवन नंदकिला के लिए प्रस्थान हुआ। श्रृद्धालुओं ने जमकर गुलाल उड़ाया। हर तरफ सतरंगी छटा बिखरने लगी। कार्यक्रम में मंदिर के सेवायत पुजारी छनिया मथुरा दास, राममूर्ति, पप्पू, कुंदन लाल, चंद्रकांत, सौनू शर्मा आदि भक्त मौजूद रहे।

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गोकुल की महिलाएं दूध पीकर खेलती है छड़ीमार होली
आपको बता दें कि गोकुल में मंदिर के सेवायत पुजारी होली से पहले छड़ी मार होली खेलने के लिए न्योता भेजते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में सभी महिलाओं को मेवा युक्त दूध पिलाया जाता है। दूध पी कर महिलाएं होली खेलती हैं। यह परम्परा हर वर्ष निभाई जाती है। वहीं होली खेलने के बाद हर हुरियारिन को मंदिर समिति के द्वारा फऊआ दिया जाता है। फऊआ में बर्तन एवं मिष्ठान वितरण होता है।
गोकुल की होली में पहुंचे डीएम एसएसपी
गोकुल की छड़ी मार होली देखने को जिलाधिकारी पुलकित खरे एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय भी होली में पहुंचे। साथ ही एसडीएम महावन नीलम श्रीवास्तव, सीओ महावन आलोक सिंह, नायब तहसीलदार साबिका शर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।












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