योगेश कदम को शिंदे की शिवसेना ने दापोली से बनाया उम्मीदवार, पिता रामदास कदम से सीखे हैं सियासी गुर
Yogesh Kadam Shiv Sena: शिवसेना विधायक योगेश कदम एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दापोली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। वह पार्टी के दिग्गज नेता और अपने पिता रामदास कदम की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे। ज्ञात हो कि शिंदे गुट के नेता रामदास कदम बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के दौर से पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं।
कोंकणी क्षेत्र में दत्ताजी साल्वी, मनोहर जोशी, नारायण राणे और रामदास कदम जैसे नेताओं शिवसेना को मजबूत किया है। यही काम अब योगेश कदम आगे बढ़ाएंगे। शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम की राजनीतिक यात्रा काफी लंबी रही है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विपक्ष के नेता जैसी भूमिकाएँ को निभाया है, यह उनके बेटे योगेश के लिए एक मार्गदर्शक रही है, जो अब इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

2019 में बने थे विधायक
शिंदे गुट, शिवसेना विधायक योगेश कदम ने 2019 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। उन्होंने दापोली विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर एनसीपी के संजय कदम को हराया था, यह निर्वाचन क्षेत्र दापोली शहर, हरनाई तट, अंजार्ले, दाभोल और चिखलगांव जैसे पर्यटन आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध है। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन में मंत्री पद न मिलने के बावजूद, योगेश और उनके पिता शिवसेना के भीतर महत्वपूर्ण व्यक्ति माने जाते थे।
दापोली के बहाई विकास की गंगा
योगेश कदम ने अपने कार्यकाल के दौरान दापोली में जो काम किया है, वह सराहनीय है, खासकर क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए। विक्रेताओं और किसानों के लिए एक मुख्य बाजार भवन का निर्माण, कनेक्टिविटी में सुधार के लिए एक नया बस स्टेशन और पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच की सुविधा के लिए दो लेन वाली सड़क जैसी परियोजनाओं ने स्थानीय रोजगार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा, उनके प्रयासों से निदापोली में एक उपजिला अस्पताल की स्थापना और दापोली सहता गुट भवन और पंचायत भवन का निर्माण हुआ है, जो समुदाय की तत्काल जरूरतों को पूरा करता है।
योगेश कदम का होगा संजय कदम से मुकाबला
इस बार योगेश कदम का मुकाबला उद्धव ठाकरे की शिवसेना उम्मीदवार संजय कदम से है। हालांकि, योगेश द्वारा की गई जमीनी तैयारी, विकास के प्रति उनके समर्पण और शिवसेना में उनके परिवार की विरासत के कारण मतदाताओं के बीच उनकी स्थिति अच्छी है। दापोली विधानसभा में शिवसैनिकों का झुकाव योगेश के पक्ष में है, जो उनके संभावित दूसरे कार्यकाल की ओर इशारा करता है। बहरहाल सभी शिवसेना दिग्गजों ने कोंकणी क्षेत्र में अपनी स्थायी विरासत लम्बे समय से संभालकर रखा है, जिससे दापोली में मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद हैं।
यह भी पढ़ें सीएम शिंदे ने उदय सामंत पर जताया भरोसा, रत्नागिरी की बदली तस्वीर, क्या जीत है पक्की?












Click it and Unblock the Notifications