क्या इस बार अजित पवार को मना लेंगे चाचा शरद पवार? या उद्धव ठाकरे जैसा होगा हाल

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से सियासी भूचाल आ गया है। इस बार परिवार में ही फूट पड़ गई है। दरअसल, एनसीपी के दिग्गज नेता अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एनसीपी को ही तोड़ दिया है। अजित पवार ने भाजपा और शिंदे की सरकार को समर्थन देते हुए डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ दिलीप वासले पाटिल और छगन भुजबल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।

क्या इस बार अजित पवार को मना पाएंगे चाचा शरद पवार
अब सवाल उठ रहा है कि क्या 2019 की तरह ही चाचा शरद पवार अपन भतीजे अजित पवार को मना पाएंगे या अजित पवार अब अपनी राह को पूरी तरह से अलग कर ली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार सीन कुछ और है। बताया जा रहा है कि अजित पवार को इस बार NCP के 40 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। अजित पवार के रुख को देखकर लग रहा है कि इस बार वह पूरी तैयारी करके आए हैं। या तो शरद पवार को झुकना होगा या नहीं तो फिर कानूनी लड़ाई लड़नी होगी। शरद पवार के झुकने का मतलब है कि एनसीपी पर पूरा कंट्रोल अब अजित पवार का होगा।

Maharashtra political crisis ajit pawar

इस बार उद्धव भी कमजोर इसलिए शरद पवार के लिए होगी मुश्किल
दरअसल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना में भी टूट हो गई और उनके पास भी गिने चुने विधायक बचे हैं। तो इस वजह से शरद पवार को अजित पवार को मनाना मुश्किल होगा। अब अजित पवार के जाने से शरद पवार के लिए 2024 का रास्ता मुश्किल हो सकता है।

पहले से ही बगावती मूड में नजर आ रहे थे अजित पवार
दरअसल, एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से ही अजित पवार नाराज चल रहे थे। चूंकि शरद पवार ने सुप्रिया सुले को एनसीपी का राष्ट्रीय कार्यकारिणी का अध्यक्ष बना दिया था और भी अपने करीबी नेताओं को पद दे दिया था। इसके बाद से ही शरद पवार भाजपा और नरेंद्र मोदी के पक्ष में बोलना शुरू कर दिया था।

चार साल पहले भी हुआ था ऐसा ही खेल
बता दें कि साल 2019 में भी भाजपा को 105 सीटों पर जीत मिली थी और शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा और शिवसेना को स्पष्ट जनादेश मिला था। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर उद्धव ठाकरे ने बगावती मूड दिखाना शुरू कर दिया। अब भाजपा में सकते में आ गई कि अब सरकार कैसे बनाई जाए। फिर भाजपा ने एनसीपी के अजित पवार के साथ संपर्क साधा और सरकार बनाने का ऐलान कर दिया।

इसके बाद 23 नवंबर को अचानक राष्ट्रपति शासन हटाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सुबह-सुबह देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजित पवार को उपमुख्यमंत्री की शपथ दिलवा दी। शपथ लेते ही दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मोर्चा संभाला और और अपनी पार्टी यानी NCP के विधायकों को एकजुट कर लिया। इस बीच शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। इसके बाद कोर्ट ने 24 घंटे के अंदर बहुमत साबित करने का आदेश दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+