Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद संजय राउत को क्यों याद आईं इंदिरा गांधी?
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई बेगुनाह पर्यटकों की जान चली गई। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारतीय सेना आतंकियों का सफाया करने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही है।
वहीं पहलगाम हमले के बाद शिवसेना-यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक अहम बयान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की एक फोटो शेयर करते हुए उन्हें याद किया है। आइए जानते हैं आखिर क्यों संजय राउत को पहलगाम हमले के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी याद किया है और क्या है इसके मायने?

पहले बता दें संजय राउत ने एक दिन पहले पहलगाम आतंकी हमले पर कहा था कि "ये संकट की घड़ी है, ये हमला केवल कश्मीर में नहींं हुआ, ये हमला केवल वहां घूमने गए पर्यटकों पर नहीं हुआ, ये पूरे देश और सरकार पर हमला है।" संजय राउत ने कहा था कि "संकट की घड़ी में हर सब एक हैं, चाहे सत्ताधारी पक्ष हो या विपक्ष हो, हम सब एक साथ फैसला करेंगे।"
शिवसेना यूबीटी संजय राउत ने कहा "देश पर हमला हुआ है, कई लोग मारे गए हैं, इस हमले में पाकिस्तान का अप्रत्यक्ष हाथ है, जिस तरह से वहां आतंकी कैंप चल रहे हैं और जहां से हमारे देश पर हमले किए जा रहे हैं। हमें और भी कड़े फैसले लेने की जरूरत है और विपक्ष में होने के बावजूद हम सरकार के हर फैसले का स्वागत करते हैं।"
"हमें मत बताइए, बस करके दिखाइए"
संजय राउत ने पहले कहा था "उम्मीद है कि पाकिस्तान उच्चायोग को बंद किया जाएगा या सिंधु जल संधि को रोका जाएगा, लेकिन आपने बार-बार उनकी सीमा में घुसकर हमला करने की बात कही है, जिस पर आपको सोचना चाहिए। यह रक्षा का मामला है, हमें मत बताइए, बस करके दिखाइए।"
संजय राउत ने पूर्व पीएम को याद करते हुए लिखी ये पोस्ट
वहीं शुक्रवार को संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया। शिवसेना यूबीटी सांसद ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा "आज देश इंदिरा गांधी को बहुत याद कर रहा है! जय हिंद!"
संजय राउत को क्यों याद आईं इंदिरा गांधी?
दरअसल, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हराया था और पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए थे। इसके बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस संघर्ष में 90,000 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति संग्राम ज़ोर पकड़ रहा था, जिसमें से कई भारत में शरण ले रहे थे। भारत ने पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति आंदोलन का समर्थन किया, जो अंततः पाकिस्तान के खिलाफ़ युद्ध में बदल गया।
13 दिनों के युद्ध के बाद भारतीय सेना ने पूर्वी पाकिस्तान पर नियंत्रण हासिल कर लिया। पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया और पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा। यह इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लिए गए बड़े रणनीतिक निर्णयों में से एक है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर इंदिरा गांधी की छवि मजबूत हुई थी।
संजय राउत ने इंदिरा गांधी को याद कर मोदी सरकार पर कसा तंज
दरअसल, शिवसेना यूबीटी राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इंदिरा गांधी को याद कर उनके कार्यकाल की तारीफ कर वर्तमान मोदी सरकार पर तंज कसा है। याद रहे शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे गांधी परिवार और कांग्रेस विरोध रहा है लेकिन 2019 के बाद से उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना महा अघाड़ी गठबंधन में शामिल है और कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल है। अब पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर संजय राउत ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।












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