कौन हैं ये एसपी आर्चित चांडक? जिन्होंने कॉन्स्टेबल के रिटायरमेंट के दिन पूरी की उसकी ये इच्छा
IPS Archit Chandak: पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए कॉन्सटेबल अरुण घरेमोड़े के रिटायरमेंट का दिन भी आ गया लेकिन उसकी एक ख्वाहिश अधूरी ही रह गई थी। ख्वाहिश थी कि उनके पास एक बुलेट होगी जिसे वो टशन से चलाएंगे। हालांकि रिटायरमेंट के दिन अरुण घरेमोड़े की ये इच्छा उनके अधिकारी एसपी अर्चित चांडक ने पूरी कर दी।
एसपी अर्चित चांडक ने जैसे ही उन्हें बाइक चलाने को दी तो अरुण का चेहरा खिल उठा और वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे। इसके बाद एक बार फिर आईपीएस ऑफिसर अर्चित चांडक चर्चा में आ चुके हैं और उनकी जमकर तारीफ हो रही है। जानिए क्या है पूरा मामला और कौन हैं अकोला एसपी अर्चित चांडक?

कॉन्सटेबल की बेटी ने बताई बाबा की ये इच्छा
ये मामला महाराष्ट्र के अकोला का है, जहां पर आईपीएस अर्चित चांडक एसपी हैं। अकोला में पोस्टेड पुलिस कॉन्सटेबल अरुण घोरमोड़े के रिटायरमेंट के मौके पर जब उनकी बेटी ने बताया कि उसके बाबा बुलेट मोटरसाइकिल चलाना चाहते थे लेकिन परिवार की जिम्मेदारी पूरी करने के चक्कर में उनकी ये इच्छा मन में दबी ही रह गई।
एसीपी ने कॉन्सटेबल को बुलेट सौंप कर पूरा किया अधूरा सपना
ये सुनते ही एसपी अर्चित चांडक ने एक बुलेट मोटरसाइकिल मंगवाई और अरुण को हेलमेट सौंपते हुए कहा, "ये रिटायरमेंट का दिन है इसे खास बनाना है।" इसके बाद कांस्टेबल जैसे ही बाइक पर सवार हुए तो उनके पीछे एसपी अर्चित चांडक भी सवार हो गए। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और चांडक की जमकर तारीफ हो रही है।
कौन हैं अकोला एसपी अर्चित चांडक?
महाराष्ट्र के नागपुर के शंकर नगर के मूल निवासी अर्चित चांडक 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। नागपुर के बीपी विद्या मंदिर से की इन्होंने स्कूलिंग की है। वर्ष 2012 जेईई एग्जाम में जिला टॉपर रहे अर्चित चांडक ने 2016 में आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
पहले प्रयास में क्रेक की थी यूपीएससी परीक्षा
इंजीनिरिंग के बाद एक कंपनी ने 35 लाख की सैलरी का ऑफर दिया लेकिन अर्चित चांडक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहते थे इसलिए ऑफर ठुकरा दिया था। अर्चित ने 2018 में यूपीएससी परीक्षा में पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया में 184वीं रैंक हासिल की थी। आकोला से पहले अर्चित चांडक की नागपुर में तैनात थे।
नागपुर में ट्रैफिक मैनेजमेंट में किए थे नायाब उपाय
नागपुर में पुलिस उपायुक्त (यातायात) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, चांडक ने ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार के लिए कई नायाब उपाय लागू किए। उनके नेतृत्व में, शहर में यातायात की भीड़ और दुर्घटनाओं में बड़ी कमी देखी गई।नागरिकों से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग किया, जिससे यातायात नियमों का पालन करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई।
सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं अर्चित चांडक
अर्चित चांडक सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं। अर्चित के इंस्टाअकांउट पर 157 पोस्ट हैं। 120K फॉलाअर्स हैं।
कौन है आईपीएस अर्चित चांडक की पत्नी?
अर्चित चांडक की पत्नी का नाम सौम्या शर्मा हैं। दोनों यूपीएससी बैचमैट हैं और तभी एक दूसरे का दिल दे बैठे थे। सौम्या ने 16 साल की उम्र में कान से सुनने की क्षमता खो दी थी। सौम्या शर्मा की की ऑलओवर नवीं रैंक आई थी।












Click it and Unblock the Notifications