कौन हैं विधायक गोपीचंद पडालकर, जिन्होंने हिंदू लड़कियों के जिम जाने पर दिया विवादित बयान
Who is MLA Gopichand Padalkar: महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक गोपीचंद पडालकर अपने हालिया बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। बीड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदू लड़कियों को जिम न जाने की सलाह दी, जिससे विवाद खड़ा हो गया है। पडालकर का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
भाजपा विधायक पडालकर ने कॉलेज जाने वाली हिंदू छात्राओं को जिम ना जाने की सलाह देते हुए, कारण बताते हुए सजग भी किया। उन्होंने कॉलेज जाने वाली हिंदू लड़कियों से कहा कि वे जिम के बजाय घर पर ही योग करें।

विधायक का दावा- जिम में बड़ी साजिश चल रही है
गोपीचंद पडालकर ने कहा हिंदू लड़कियों को नहीं पता कि एक बड़ी साजिश चल रही है, जिसके तहत एक विशेष समुदाय हिंदू लड़कियों को लुभाने की कोशिश कररहा है। उन्होंने लड़कियों से उन जिमों से बचने का आग्रह किया जहां उन्हें प्रशिक्षक के बारे में जानकारी नहीं है।
पडालकर ने हिंदू लड़कियों को किया अगाह
पडालकर ने अपने बयान में कहा, "हिंदू लड़कियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे ऐसे जिम न जाएं जहां आपको पता ही नहीं कि उनका प्रशिक्षक कौन है। कॉलेज जाने वाली लड़कियां जिम जाने के बजाय घर पर योग करें।" उन्होंने अज्ञात प्रशिक्षकों और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति आगाह किया।
युवाओं के आने पर प्रतिबंध लगाने की मांग
विधायक ने इसके पीछे एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हुए कॉलेज परिसर में बिना पहचान पत्र के आने वाले युवाओं पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए और इसके लिए एक मजबूत प्रतिरोधक तंत्र बनाने की आवश्यकता है। पडालकर के अनुसार, ऐसे कदम उठाने से ही संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
कौन हैं गोपीचंद पडालकर?
गोपीचंद पडालकर, महाराष्ट्र से भाजपा के एक विधायक हैं, जिन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) नामक एक छोटे दल से की थी, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए।
पडळकर सांगली जिले के अटपडी तहसील के पडळकरवाडी गाँव से आते हैं और धनगर समुदाय से संबंध रखते हैं।इनकी राजनीतिक रणनीति में स्थानीय पहचान, धनगर समुदाय जैसे सामाजिक समूहों की भागीदारी और ग्रामीण स्तर पर नाम-परिवर्तन जैसे मुद्दे प्रमुख रहते हैं। धर्मांतरण, आरक्षण और सामाजिक आंदोलनों जैसे मुद्दों पर उनके बयान अक्सर तीखे होते हैं, जिससे वे कई बार राजनीतिक विवादों में घिर चुके हैं।
कर चुके है ये मांग
- पडालकर का राजनीतिक करियर अक्सर अपने विवादित बयानों और खास रणनीतियों के लिए चर्चा में रहता है।
- पडळकर ने सांगली जिले के कुछ गाँवों और कस्बों के नाम बदलने की मांग की है।
- "मुगल काल" से जुड़े नामों को हटाकर पुराने नाम बहाल करने का प्रस्ताव दिया है।
पडालकर के विवादित बयान
एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते हैं जो अपनी बातों को सीधे और तीखे लहजे में रखने से नहीं कतराते। उनके बयान अक्सर सामाजिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील विषयों पर केंद्रित होते हैं।
- एक बार कहा था कि "धर्मांतरण करने वाले को मारने पर 11 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।"
- उनके कई बयानों को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने विरोध प्रकट किया है। धर्मांतरण पर उनके बयान के बाद मसीही (ईसाई) समुदाय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
- विधानसभा परिसर में उनके और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच एक बार विवाद भी हुआ था। उनके लगातार विवादित बयानों के चलते मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व को उन्हें संयम बरतने की सलाह देनी पड़ी थी।












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