कौन है ये दिग्गज नेता? जिन्होंने शरद पवार को झटका देकर अजित पवार की NCP ज्वाइन की
Maharashtra News: महाराष्ट्र में शनिवार को शरद पवार गुट वाली एनसीपी (SP) को तगड़ा झटका लगा है। आज शरद पवार गुट के दिग्गज नेता गुलाबराव देवकर (Gulabrao Deokar) अजित पवार वाली एनसीपी में शामिल हो गए हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार ने देवकर का पार्टी में स्वागत किया। देवकर के साथ-साथ कुछ अन्य नेता भी अजित पवार वाले NCP गुट में शामिल हो गए हैं।
अभी जब महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल चुनावी रणनीतियां बना रहे हैं और उसकी तैयारियां कर रहे हैं। आगामी चुनावों से पहले गुलाबराव देवकर का अजित पवार के साथ आने से एनसीपी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बता दें गुलाबराव देवकर शरद पवार के लंबे समय से साथ रहे उनके काफी वफादार और करीबी नेताओं में एक थे। इसके अलावा देवकर पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। निकाय चुनाव से पहले देवकर का पार्टी छोड़ना. तगड़ा झटका माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण बात ये है कि देवकर ने एक विधिवत समारोह में अजित पवार की एनसीपी की सदस्यता ग्रहण की। इस समारोह में अजित पवार गुट के कई नेता मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गुलाबराव देवकर और अन्य नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गुलाव राव देवकर ने क्यों छोड़ी शरद पवार की पार्टी?
बता दें गुलाबराव देवकर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जलगांव ग्रामीण सीट से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 हार गए थे। शरद पवार गुट को जलगांव जिले में लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस हार के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद उभरने लगे थे जिससे स्थानीय निकाय चुनावों के नज़दीक आने पर उनके राजनीतिक गठबंधनों का पुनर्मूल्यांकन हुआ। ऐसा माना जाता है अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित होकर देवकर ने पाला बदला और अजित गुट में शामिल हो गए हैं।
कौन हैं गुलाब राव देवकर
गुलाबराव देवकर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के एक प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री हैं। गुलाबराव देवकर ने 1995 से 2000 तक जलगांव नगर परिषद में पार्षद के रूप में कार्य किया। गुलाबराव देवकर ने 2009 में जलगांव ग्रामीण विधानसभा सीट से एनसीपी के टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र सरकार में कृषि और परिवहन राज्य मंत्री पद दिया गया था।
इन घाेटालों में आ चुका है नाम
बैंक लोन घोटाला (2021) जिसे जलगांव घरकुल घोटाला के नाम से भी जाना जाता है, उसमें गुलाबराव का नाम आ चुका है। जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने अपनी शैक्षणिक संस्था के नाम पर लगभग ₹10 करोड़ का लोन लिया। इस लोन के दुरुपयोग को लेकर उन पर गबन का आरोप लगा है और जांच चल रही है। इसके अलावा जलगांव हाउसिंग घोटाला में भी गुलाबराव का नाम आ चुका है। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई है।












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