नितिन गडकरी ने रतन टाटा से RSS के बारे में क्या कहा था ? उन्होंने खुद बताया

पुणे, 14 अप्रैल: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा है कि उन्होंने एक बार उद्योगपति रतन टाटा से कहा था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कभी भी धर्म के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने महाराष्ट्र के पुणे में सिंहगद इलाके के एक चैरिटेबल अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही है। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार में मंत्री रहने के दौरान एक एक वाक्या भी सुनाया। दरअसल, देश में इन दिनों जारी कुछ धार्मिक विवादों के मद्देनजर गडकरी का बयान काफी अहम माना जा सकता है। महाराष्ट्र में तो मस्जिदों के लाउडस्पीकरों को लेकर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने सियासी तूफान खड़ा कर रखा है और बीजेपी-विरोधी दल इसके पीछे भाजपा और आरएसएस के हाथ होने का ही आरोप लगा रहे हैं।

हेडगवार अस्पताल के उद्घाटन के लिए किया टाटा से संपर्क

हेडगवार अस्पताल के उद्घाटन के लिए किया टाटा से संपर्क

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजपथ मंत्री नितिन गडकरी ने एक चैरिटेबल अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर अपने भाषण के दौरान कहा है कि, 'औरंगाबाद में दिवंगत आरएसएस प्रमुख केबी हेडगेवार के नाम पर बने अस्पताल का उद्घाटन होने वाला था। तब मैं राज्य सरकार में एक मंत्री था। आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इच्छा जताई कि अस्पताल का उद्घाटन रतन टाटा के हाथों से हो और उन्होंने मुझसे मदद करने को कहा।' गडकरी बोले कि इसके बाद उन्होंने टाटा से संपर्क किया और उनको यह कहकर अस्पताल के उद्घाटन के लिए राजी किया कि टाटा कैंसर अस्पताल देश में गरीबों को कैंसर का इलाज उपलब्ध करवाने में योगदान कर रहा है।

संघ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता- गडकरी

संघ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता- गडकरी

गडकरी बोले कि 'अस्पताल पहुंचने पर टाटा ने पूछा कि क्या यह अस्पताल सिर्फ हिंदू समुदाय के लोगों के लिए होगा। मैंने उनसे पूछा कि 'आप ऐसा क्यों सोचते हैं।' उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि 'क्योंकि यह आरएसएस का है।' केंद्रीय मंत्री ने इसके बाद बताया कि 'मैंने उनसे कहा कि यह अस्पताल सभी समुदायों के लिए है और आरएसएस में इस तरह (धर्म के आधार पर भेदभाव) का कुछ भी नहीं होता।' गडकरी ने बताया कि उसके बाद उन्होंने टाटा को कई बातें बताईं और फिर बाद में वे 'बहुत खुश हो गए।' गडकरी बहुत ही मंजे हुए राजनेता हैं और उनका संघ और उद्योगपति रतन टाटा से जुड़े वाक्ये का जिक्र करने का मतलब बेवजह नहीं हो सकता। (ऊपर की तस्वीरें-फाइल)

लाउडस्पीकर पर मचा है संग्राम

लाउडस्पीकर पर मचा है संग्राम

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इन दिनों मस्जिदों से आने वाली लाउडस्पीकरों की आवाज को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने इन लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए 3 मई तक का अल्टीमेटम दे रखा है। इस बीच भाजपा नेता मोहित कंबोज ने ऐलान किया है कि वे पूरे देश के मंदिरों में मुफ्त लाउडस्पीकर लगवाएंगे और उनसे भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ करवाने का आह्वान करेंगे। गौरतलब है कि राज ठाकरे ने जो मुंबई के लिए महा विकास अघाड़ी की सरकार को चैलेंज किया है, उसके पीछे सत्ताधारी गठबंधन भाजपा और संघ का ही हाथ बता रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र से आने वाले नागपुर से सांसद और केंद्र की मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री गडकरी का राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को लेकर रतन टाटा जैसी शख्सियत के भ्रम को दूर करने की बात बताना महत्वपूर्ण माना जा सकता है। खासकर जब उनका खुद का बैकग्राउंड भी संघ से जुड़ा रहा है। (अंतिम तस्वीर-मोहित कंबोज के ट्विटर के सौजन्य से)

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