'रोज चिल्लाओ कौन मना करता है', 'वंदे मातरम' बहस पर सपा के अबू आज़मी ने मोदी सरकार को घेरते हुए किए कई सवाल
'Vande Mataram' debate: 'वंदे मातरम्' को 150 वर्षगांठ के अवसर पर संसद में इस पर चर्चा चल रही है। वंदे मातरम पर सदन में हो रही बहस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने इस मुद्दे प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
संसद में 'वंदे मातरम' पर चल रही बहस को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए, अबू आजमी ने कहा, "देश में विकास के बजाय धार्मिक मुद्दों को अनावश्यक रूप से उछाला जा रहा है, जो बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने कहा कि मनमानी कार्रवाई, वोट चोरी और कानून-व्यवस्था की बदहाली जैसे अहम मुद्दों की अनदेखी हो रही है, जबकि 'वंदे मातरम्' पर रोज बयानबाजी हो रही है।"

सरकार का ध्यान केवल "हिंदू-मुस्लिम विभाजन" पर है
अबू आजमी ने कहा, केंद्र सरकार का ध्यान केवल "हिंदू-मुस्लिम विभाजन" पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "विकास पर चर्चा होनी चाहिए", ताकि देश कर्ज से बाहर आ सके और सांप्रदायिकता खत्म हो सके।
रोज चिल्लाओ कौन मना करता है
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में, सपा नेता ने कहा कि संसद में बोलने से कोई नहीं रोकता, रोज चिल्लाओ कौन मना करता है', लेकिन किसी की आस्था में दखल देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, "विकास, देश को कर्ज से निकालने और सांप्रदायिकता खत्म करने पर चर्चा होनी चाहिए। यह सरकार सिर्फ हिंदू-मुस्लिम विभाजन पर केंद्रित है।"
'रोज चिल्लाओ कौन मना करता है' लेकिन...
आजमी ने आगे जोड़ा, "वंदे मातरम का कोई विरोध नहीं करता। 'रोज चिल्लाओ कौन मना करता है' लेकिन किसी की आस्था में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं।" जब उनसे भाजपा नेता के उस आरोप के बारे में पूछा गया कि 'वंदे मातरम' से कुछ शब्द हटा दिए गए थे, तो उन्होंने जवाब दिया कि शायद वे शब्द हटा दिए गए होंगे यदि वे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाते थे और सही नहीं थे।
अबू आजमी ने पूछा- क्या इससे विकास या गरीबों को रोटी मिलती है?
आजमी ने स्पष्ट किया, "हो सकता है कि कोई ऐसा शब्द हटा दिया गया हो, जिससे लोगों की भावनाएँ आहत होती हों या जो धर्मों के बीच 'फूट' का कारण बन सकता हो।" उन्होंने सरकार के फोकस पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुख्य मुद्दा यह है कि क्या इन सब पर बात करने से हमें खाना, विकास या गरीबों को रोटी मिलती है? सरकार ऐसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है।"
'अंधेर नगरी चौपट राजा'
अबू आजमी ने 'वंदे मातरम्' पर टिप्पणी करते हुए कहा, "चर्चा तो विकास पर होना चाहिए, देश कर्ज में डूबता जा रहा है चर्चा उस पर होना चाहिए। आप रोज वंदे मातरम् चिल्लाओ, कौन मना कर रहा है, लेकिन किसी के धर्म में दखल देना ठीक नहीं।" उन्होंने आगे जोड़ा, "ये सरकार की मनमानी चल रही है, एकतरफा चल रहा है मामला, अभी वोट चोरी और एसआईआर का मामला चल रहा है, कोई सुनने को तैयार नहीं है। अंधेर नगरी चौपट राजा।"
लोगों की जान खतरे में है फिर भी सरकार उदासीन
वहीं अबू आजमी ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर रकार की अधूरी जानकारी से नागरिक चिंतित हैं। वह केवल AQI बताती है, जानलेवा स्तरों पर स्पष्टीकरण नहीं देती। लोगों की जान जोखिम में है, फिर भी प्रशासन उदासीन है। प्रदूषण विरोधी लड़ाई तब तक चलेगी, जब तक SMS कंपनी, RMC प्लांट और डंपिंग ग्राउंड बंद नहीं होते।












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