'चेहरे पर अहंकार था ', शिवाजी की मूर्ति टूटने को लेकर PM मोदी की माफी पर उद्धव ठाकरे का करारा हमला
Uddhav Thackeray: सिंधुदुर्ग में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा टूटने पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक ने माफी मांग ली है।
पीएम मोदी के माफी मांगने के बाद यह मामला शांत होने की बजाय और गरम गया। इस मामले में अब शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर तीखा तंज कसा है। ठाकरे ने कहा, 'पीएम मोदी के चेहरे पर अहंकार की झलक दिख रही थी।'

दरअसल, शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने की घटना को लेकर एमवीए (महा विकास अघाड़ी) ने मुंबई में हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में शरद पवार, उद्धव ठाकरे, नाना पटोले समेत कई नेता शामिल हुए।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकरे ने दावा किया कि पीएम मोदी की माफी निष्ठाहीन थी और इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को छुपाना था। ठाकरे ने आगे कहा, 'माफी मांगते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर अहंकार था।'
इस दौरान ठाकरे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर, संसद भवन और शिवाजी महाराज की मूर्ति सहित विभिन्न परियोजनाओं में पीएम मोदी की भागीदारी के कारण घटिया काम हुआ। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र मोदी की माफ़ी स्वीकार नहीं करेगा और सत्तारूढ़ पार्टी को सबक सिखाएगा।
विपक्षी नेताओं ने चिंता व्यक्त की
एनसीपी (सपा) नेता शरद पवार ने भी सत्तारूढ़ पार्टी के रुख पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि मालवन में शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने से लोगों में यह धारणा व्यापक हो गई है कि इसमें भ्रष्टाचार शामिल है। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज की ऐसी कई मूर्तियां हैं, लेकिन मालवन में जो मूर्ति गिरी है, वह गिर गई।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि लोगों में यह आम धारणा है कि इस परियोजना में भ्रष्टाचार हुआ है, जो शिवाजी महाराज का अपमान है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया जवाब
वहीं, इन आरोपों का सीएम एकनाथ शिंदे ने जवाब देते हुए कहा कि शिवाजी महाराज का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। शिंदे ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत दुखद बात है...शिवाजी महाराज हमारे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकते; यह हमारे लिए पहचान और आस्था का मामला है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि एमवीए या कांग्रेस ने कभी छत्रपति शिवाजी का सम्मान नहीं किया, कर्नाटक में शिवाजी महाराज की मूर्ति को तोड़ने के लिए दो जेसीबी लाए गए थे और मूर्ति को उखाड़ दिया गया था।












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