असली शिवसेना आज भी मेरे पास, भाजपा अमीबा जैसी हो गई', दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे जमकर बरसे
शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा रैली का आयोजन किया। इस रैली में उद्धव ठाकरे ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के अलावा एकनाथ शिंदे पर जमकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ताधारी लोग महाराष्ट्र की जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं और किसानों व आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तुलना अमीबा की। उन्होंने कहा जैसे यह शरीर में प्रवेश करने पर पेट दर्द का कारण बनता है, वैसे ही समाज में प्रवेश करने पर शांति भंग करता है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा।

दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि असली शिवसेना आज भी उनके पास है। उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का भी मुद्दा उठाया।
ठाकरे ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार और भाजपा जो कर रही है, वह महाराष्ट्र और मराठी लोगों के हितों के खिलाफ है। उद्धव ठाकरे ने बताया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब किसानों के कर्ज माफ किए गए थे, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त मदद नहीं दे रही है।
उन्होंने 2017 की कर्जमाफी का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि वे तब यह कर सकते थे, तो अब क्यों नहीं हो रहा। ठाकरे ने मराठी भाषा और संस्कृति की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए महाराष्ट्र और मराठी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पर जोर दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि मराठी लोगों और मुंबई को किसी बाहरी तत्व के हवाले नहीं किया जाएगा। ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में रहते हुए केवल राजनीतिक लाभ के लिए जनता को बांट रही है और राज्य की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
ठाकरे ने कहा कि सोनम वांगचुक एक देशभक्त हैं, जिन्होंने लेह-लद्दाख के सुदूर इलाकों में कड़ी मेहनत की, भारतीय सेना के लिए सौर ऊर्जा तकनीक विकसित की और पानी की कमी को दूर करने के लिए काम किया। उन्होंने बताया कि वांगचुक अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें जेल में डाल दिया।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तक वांगचुक प्रधानमंत्री की तारीफ कर रहे थे, तब तक उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी। उद्धव ठाकरे ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
ठाकरे ने बताया कि मेट्रो, बांध और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्य अधूरे पड़े हैं, और मुंबई में बाढ़ जैसी आपदाओं में भी कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जा रहे हैं, उनके मंत्री सुरक्षित हैं, जबकि विपक्ष या कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई जा रही है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए, ठाकरे ने पूछा कि क्या वे जीएसटी के खत्म होने का जश्न मना रहे हैं, जिसे नेहरू ने शुरू किया था? उन्होंने एक फिल्म के दृश्य का हवाला दिया, जिसमें कीमतें तीन गुना बढ़ाई जाती हैं और फिर कम कर दी जाती हैं, यह इंगित करते हुए कि वर्तमान में भी ऐसा ही हो रहा है।












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