Uddhav Thackeray के साथ फिर होने वाला है बड़ा खेला? इस बार के झटके से BMC में बदल सकते हैं समीकरण
Uddhav Thackeray Crisis: महाराष्ट्र में राजनीति में एक बार फिर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को जल्द तगड़ा झटका लगने के संकेत मिल रहे हैं। 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद अब मुंबई महानगरपालिका में बड़ी बगावत होने की संभावना है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन और शिवसेना के दोफाड़ होने के बाद से ही दोनों गुटों के बीच पार्टी के मूल अस्तित्व और जनाधार को लेकर जंग जारी है। लोकसभा के 6 सांसदों के बाद अब शिवसेना (शिंदे गुट) मुंबई नगर निगम में में सेंधमारी करने की फिराक में हैं। आइए समझते हैं क्या पूरा मामला....

BMC में होगा उद्धव ठाकरे के साथ बड़ा खेला!
दरअसल, शिंदे गुट के पार्षद किरण लांडगे ने गुरुवार को ऐसा दावा किया है जिसने उद्धव ठाकरे की चिंता और बढ़ा दी है। न्यूज टीवी9 के अनुसार किरण लांडगे ने दावा किया है कि ठाकरे गुट के 20 से अधिक पार्षद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। मुंबई महानगरपालिका में अगर उद्धव गुट के ये पार्षद पाला बदलते हैं, तो ये टूट उद्वव ठाकरे गुट की संगठनात्मक रीढ़ पर गहरी चोट होगी।
BMC में क्या है नंंबर गेम?
बृहद मुंबई महानगरपालिका (BMC) में कुल 227 वार्ड (सीटें) हैं। बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता होती है। 2026 में हुए बीएमसी चुनाव में चुनाव में भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) वाले महायुति गठबंधन ने 227 में से 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। चूंकि भाजपा ने इस चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीती इसलिए का मेयर इसी पार्टी से चुना गया। वर्तमान समय में भाजपा की वरिष्ठ नेता और घाटकोपर से पार्षद रितु राजेश तावड़े मुंबई की वर्तमान मेयर हैं।
BMC चुनाव परिणाम 2026
बीजेपी (BJP): 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
शिवसेना (उद्धव ठाकरे/UBT): 65 सीटें
शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 29 सीटें
कांग्रेस (Congress): 24 सीटें
एआईएमआईएम (AIMIM): 8 सीटें
समाजवादी पार्टी (SP): 3 सीटें
एनसीपी (NCP): 3 सीटें
एनसीपी (एसपी): 1 सीट
BMC में क्या बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
मुंबई महानगरपालिका में ठाकरे गुट के पास फिलहाल 65 नगरसेवक हैं। ऐसे में अगर 20 से ज्यादा नगरसेवक पाला बदलते हैं तो बीएमसी के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। मुंबई नगर निगम में ठाकरे गुट की ताकत काफी कम हो जाएगी।माना जा रहा है कि आगामी सत्ता समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
मुंबई की राजनीति पर होगा बड़ा असर?
मुंबई महानगरपालिका देश की सबसे बड़ी और सबसे धनी महानगरपालिका है। BMC का सालाना बजट कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक होता है। दशकों से बीएमसी पर अविभाजित शिवसेना का एकछत्र राज कर चुकी है। यह नगर निगम शिवसेना के लिए वित्तीय और राजनीतिक ताकत का मुख्य स्रोत रहा है। यही कारण है कि इस पर नियंत्रण स्थापित करना एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
उद्धव ठाकरे के लिए मुसीबत बना ऑपरेशन टाइगर क्या है?
2022 में शिवसेना में हुई ऐतिहासिक टूट के बाद से दोनों गुटों के बीच नेताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने साथ लाने की होड़ लगातार जारी है। पिछले कुछ दिनों से कथित ऑपरेशन टाइगर के तहत एकनाथ शिंदे की शिवसेना लगातार ठाकरे गुट के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है।राजनीतिक गलियारों में शिंदे ने इसी ऑपरेशन टाइगर के तहत शिंदे गुट ने एक 17 जून 2026 को उद्धव ठाकरे के 9 में से 6 सांसदों को तोड़कर अपने गुट में शामिल कर उद्धव ठाकरे को तगड़ी चोट दी है।














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