महाराष्ट्र: शिंदे कैबिनेट में अब तक 60 फीसदी पद खाली, जल्द होगा विस्तार, जानें देरी की वजह?
Shinde Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में दिल्ली का दौरा किया। जहां दोनों नेताओं ने आगामी मंत्रिमंडल विस्तार पर अमित शाह से चर्चा की।

Maharashtra Cabinet News: महाराष्ट्र में शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता संभाले हुए 10 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अभी तक कैबिनेट अपनी क्षमता से 40 फीसदी मंत्रियों के साथ काम कर रहा है। हालांकि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कई विधायक पीठ पीछे अपनी नाराजगी जता रहे हैं। ऐसे में अब खबर कैबिनेट का विस्तार जल्द किया जाएगा।
4 जून को दिल्ली में बैठक
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द किया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने बताया कि इसके लिए समय सीमा सीएम एकनाथ शिंदे की ओर से तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और बीजेपी सभी चुनाव एक साथ लड़ेंगे, जिसे लेकर 4 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के दौरान चर्चा की गई थी।
नियमों की बात करें तो राज्य में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र की वर्तमान कैबिनेट में सिर्फ 18 मंत्री (सीएम-डिप्टी सीएम मिलाकर) काम कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले साल 9 अगस्त को शपथ ली थी। शिंदे-फडणवीस सरकार का गठन 30 जून 2022 को हुआ था। जिसके डेढ़ महीने तक सिर्फ दो नेता मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही सरकार चला रहे थे।
कुछ मंत्रियों के पास अभी भी 8-8 मंत्रालय
फिर 45 दिनों तक सरकार चलाने के बाद पहला मंत्रिमंडल विस्तार 9 अगस्त 2022 को हुआ। उसके बाद आज भी कुछ मंत्री 8-8 मंत्रालयों के प्रभारी हैं। बता दें कि जब अगस्त में नई सरकार का गठन हुआ, तो बीजेपी और शिंदे ने 1:1 के फॉर्मूले पर समझौता किया, जिसमें नौ मंत्री बीजेपी से और नौ मंत्री शिंदे के खेमे से शामिल किए गए।
पॉलिटिकल ऑब्जर्वरका की मानें तो महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का विस्तार एक रणनीतिक काम है, जिसमें शामिल होने वाले हर सदस्य को संभावित चुनावी परिणामों के हिसाब से देखा जाता है। जाति, धर्म, प्रभाव, व्यक्तिगत समर्थन आधार और अन्य कारक मंत्री पद के लिए अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में साल 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में असर पड़ने की संभावना है। ऐसे ंमें देरी की एक वजह से भी रही है।
इधर, शिवसेना के किस गुट को असली माना जाएगा, यह भी एक मुद्दा था, जो कि इस साल फरवरी में चुनाव आयोग के शिंदे के पक्ष में फैसला आने के बाद ही सुलझा। जिसने भी कैबिनेट विस्तार में देरी में अहम भूमिका निभाई है।
ऐसा हो सकता है कैबिनेट विस्तार
मीडिया रिपोर्ट्स की मुताबिक राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार में सभी को मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि शिंदे-फडणवीस सरकार सभी खाली पदों को नहीं भरेगी। कैबिनेट विस्तार छोटा होने जा रहा है। शिंदे गुट के सात और भाजपा के सात लोगों को ही मौका मिलेगा। इसके अलावा बाकी लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए कुछ खास उपाय होंगे।












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