'विश्वासघात है सबसे बड़ा पाप', उद्धव के घर 'मातोश्री' पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने क्यों कही ये बात?
Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati: उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे की शादी में अनंत और राधिका को आशीर्वाद देने पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मुंबई प्रास पर है। ऐसे में शंकराचार्य शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के अनुरोध पर 'मातोश्री' पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे और उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया।
वहीं मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में शिवसेना से हुई टूट पर बीजेपी की इशारों-इशारों में आलोचना की। इसी के साथ शंकराचार्य ने अंबानी परिवार की शादी में पीएम मोदी से हुई भेंट पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

'जब तक वह दोबारा सीएम नहीं बन जाते...'
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मातोश्री से निकलकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, "हम हिंदू धर्म का पालन करते हैं। हम 'पुण्य' और 'पाप' में विश्वास करते हैं। 'विश्वासघात' को सबसे बड़ा पाप कहा जाता है, यही उद्धव ठाकरे के साथ हुआ है। उन्होंने मुझे बुलाया, मैं आया। उन्होंने स्वागत किया, हमने कहा कि उनके साथ हुए विश्वासघात से हम दुखी हैं। जब तक वह दोबारा सीएम नहीं बन जाते, हमारा दर्द खत्म नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा, "जो व्यक्ति छल करता है, वह हिंदू नहीं हो सकता। जो इसे सहता है, वह हिंदू है। महाराष्ट्र की जनता इससे दुखी है और यह चुनाव में भी दिखाई दिया। यह उन लोगों का भी अपमान है, जो अपना नेता चुनते हैं। सरकार को बीच में गिराना और जनादेश का अपमान करना गलत है।"
दिल्ली में बनने वाले केदारनाथ मंदिर पर दिया बयान
वहीं दिल्ली में बनने वाले केदारनाथ मंदिर पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाते हुए कहा, "केदारनाथ में सोना घोटाला हुआ है, उस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया जाता? वहां घोटाला करने के बाद अब दिल्ली में केदारनाथ बनेगा? और फिर एक और घोटाला होगा। केदारनाथ से 228 किलो सोना गायब है। कोई जांच शुरू नहीं हुई है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अब वे कह रहे हैं कि दिल्ली में केदारनाथ बनाएंगे, ऐसा नहीं हो सकता।"
'जो भी हमारे पास आएगा, हम उसे आशीर्वाद देंगे'
साथ ही पीएम मोदी के अनंत अबानी की शादी में पैर छूने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कहा, "हां, वे (प्रधानमंत्री मोदी) मेरे पास आए और प्रणाम किया। हमारा नियम है कि जो भी हमारे पास आएगा, हम उसे आशीर्वाद देंगे। नरेंद्र मोदी जी हमारे दुश्मन नहीं हैं। हम उनके शुभचिंतक हैं और हमेशा उनके कल्याण की बात करते हैं। अगर वे कोई गलती करते हैं, तो हम उन्हें यह भी बताते हैं।"












Click it and Unblock the Notifications