सुप्रिया सुले ने फिर बदला रुख, कहा- NCP में विभाजन नहीं, बागियों की अयोग्यता के लिए भेजा है नोटिस
एनसीपी चीफ शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले बागी नेताओं पर लगातार अपना स्टैंड बदल रहे। एक दिन पहले दोनों ने दावा किया था कि पार्टी में फूट नहीं है और अजित पवार उनके नेता हैं।
दो वरिष्ठ नेताओं के बयान से लोगों को लग रहा था कि दोनों खेमे में सुलह हो गई, लेकिन अब उन्होंने फिर से बागियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

मीडिया से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि मैं फिर दोहराती हूं कि एनसीपी में कोई विभाजन नहीं है। पार्टी की स्थापना के बाद से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार हैं और प्रदेश अध्यक्ष का पद जयंत पाटिल के पास है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे नौ विधायकों और दो सांसदों ने अलग रुख अपना लिया है। इसके लिए हमने लोकसभा अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता के लिए नोटिस दिया है। दोनों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
शरद पवार ने क्या कहा?
बागियों पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि अजित पवार हमारे नेता हैं। सुप्रिया सुले ने कहा था वे भाई-बहन की तरह हैं और इसके पीछे कोई राजनीतिक मतलब तलाशने की जरूरत नहीं है।
पवार ने कहा कि ये आपकी (मीडिया की) गलती है। ये बात सुप्रिया ने कही थी और ये बात अखबारों में भी छपी थी। उन्होंने जिस तरह का रुख अपनाया है, उसे देखते हुए वह हमारे नेता नहीं हैं।
पहले क्या था सुले का बयान?
सुप्रिया सुले शुक्रवार को महाराष्ट्र के पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उस दौरान उन्होंने कहा था कि अजित पवार पार्टी के सीनियर नेता हैं, बस उनका स्टैंड हमसे अलग है। इस पर माना जा रहा था कि दोनों गुटों में सुलह हो गई है।
उद्धव-कांग्रेस की नजर
वहीं पिछले एक महीने से चाचा-भतीजे में सुलह की खबरें आ रहीं, जिस पर कांग्रेस और शिवसेना उद्धव गुट की नजर है। अगर एनसीपी चीफ शरद पवार भतीजे के साथ जाते हैं, तो दोनों पार्टियां अकेले मैदान में उतरेंगी।












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