'मैंने तो...फिर भी कर दिया गया सस्पेंड', निलंबन के बाद सपा विधायक अबू आजमी का फूटा दर्द, देखें Video
Abu Azmi Suspended: महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करना बहुत महंगा पड़ा। औरंगजेब की तारीफ करते हुए उसे भारत का महान बांदशाह बताए जाने वाले अबू आजमी के बयान पर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामे के बीच स्पीकर ने अबू आजमी को मौजूदा महाराष्ट्र विधानसभा सत्र से निलंबित कर दिया।
महाराष्ट्र विधानसभा सत्र से निलंबित किए जाने के बाद सपा विधायक अबू आजमी ने एक वीडियो जारी किया है, और बताया की आखिर औरंगजेब पर जो उन्होंने बयान दिया उसको क्यों उन्होंने वापस लिया।

महाराष्ट्र के मानखुर्द शिवाजी नगर सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने विधानसभा से सस्पेंड होने के बाद जो वीडियो जारी किया उसमें ये कहा कि विधानसभा सत्र चले ये सुनिश्चित करने के लिए मैंने अपना बयान वापस लेने की बात कही। मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा। फिर भी, विवाद है और सदन की कार्यवाही रोकी जा रही है।
अबू आजमी ने कहा सदन चले और बजट सत्र के दौरान कुछ काम हो, ये सुनिश्चित करने के लिए, मैंने वह बयान वापस ले लिया जो मैंने विधानसभा के बाहर दिया था, फिर भी, मुझे निलंबित कर दिया गया है।"
इसके साथ अबू आजमी ने कहा महाराष्ट्र में चार सालों से नगरपालिका के चुनाव नहीं हो सका है, गतियों में समस्याओं का अंबार है, इन सभी मुद्दों पर सदन में बात हो इसलिए मैंने अपनी सदन के बाहर कहीं बात को वापस ले लिया, जबिक मैंने कुछ गलत नहीं कहा, जो इतिहास में लिखा है उसे ही मैंने दोहराया, इसके बावजूद मुझे सस्पेंड कर दिया।
#WATCH | Suspended Maharashtra SP MLA Abu Azmi says, "To ensure that the House functions, I spoke about withdrawing my statement. I did not say anything wrong. Still, there is a controversy and proceedings of the House are being stalled. To ensure that the House functions and… pic.twitter.com/nXhyr22RcJ
— ANI (@ANI) March 5, 2025
अबू आजमी ने औरंगजेब की तारीफ में क्या दिया था बयान?
3 मार्च को एक कार्यक्रम के दौरान सपा विधायक अबू आजमी ने कहा था "औरंगजेब के शासनकाल के दौरान, भारत एक समृद्ध राष्ट्र में तब्दील हो गया, तब भारत को "सोने की चिड़िया" कहा जाता है। औरंगजेब को एक क्रूर शासक के रूप में चित्रित किया जाता है इसके बावजूद कुछ लोगों का मानना है कि वह एक न्यायप्रिय सम्राट था जो धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता था। उसके काल के दौरान संघर्ष धार्मिक कलह से ज़्यादा शासन को लेकर थे। उसके शासन में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कोई लड़ाई नहीं हुई। वास्तव में, औरंगजेब के कार्यकाल में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण हुआ, जो धार्मिक सहिष्णुता के उस स्तर को दर्शाता है जो अक्सर उसके शासन से जुड़ा नहीं होता।"












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