संजय राउत ने ED-BJP नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप! कहा-मिल कर करते हैं जबरन वसूली
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Shivsena UBT) नेता संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कुछ अधिकारियों पर भाजपा नेताओं के साथ मिलकर बड़ी रकम उगाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में आएगी तो इन अवैध कामों का खुलासा होगा।
राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इन गतिविधियों की जानकारी है। उन्होंने जीतू नवलानी का नाम लेते हुए उन पर जबरन वसूली में शामिल ईडी एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया। राउत के मुताबिक, महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार ने नवलानी के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि नवलानी को ईडी और भाजपा नेता फडणवीस दोनों का समर्थन प्राप्त है।
यह भी देखें: 'हमारे पीएम चीफ जस्टिस के साथ खाते हैं लड्डू', मानहानि केस में बेल मिलने के बाद बोले संजय राउत

राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ आरोप
राउत ने आरोप लगाया कि फडणवीस ने जून 2022 में एकनाथ शिंदे सरकार के तहत राज्य के गृह मंत्री बनने के बाद इन आरोपों की जांच के लिए एमवीए सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल को भंग कर दिया। उन्होंने पूर्व ईडी अधिकारी राजेश्वर सिंह का भी जिक्र किया, जो अब उत्तर प्रदेश में भाजपा विधायक के रूप में कार्यरत हैं और रोमी भगत, जो कथित रूप से जबरन वसूली में शामिल हैं और वर्तमान में आर्थर रोड जेल में कैद हैं।
राउत ने फडणवीस से इन लोगों और उनकी हरकतों के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी सत्ता में आने के बाद इन मुद्दों को संबोधित करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसमें शामिल कोई भी व्यक्ति बख्शा न जाए। राउत ने ईडी को भाजपा का वसूली एजेंट बताया।
निर्मला सीतारमण के खिलाफ मामला
एक अन्य मामले में राउत ने चुनावी बॉन्ड योजना के संबंध में कर्नाटक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर टिप्पणी की। स्थानीय अदालत के निर्देश के बाद मामला शुरू किया गया था। बेंगलुरु में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें जबरन वसूली और आपराधिक साजिश शामिल है।
एफआईआर में सीतारमण, कर्नाटक बीजेपी प्रमुख बीवाई विजयेंद्र, पार्टी नेता नलिन कुमार कटील, ईडी अधिकारियों और अन्य के नाम हैं। राउत ने स्पष्ट किया कि यह मामला राजनीति से प्रेरित नहीं है क्योंकि कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में थी, बल्कि चुनावी बॉन्ड के ज़रिए जबरन वसूली के आरोपों पर आधारित था।
ये गंभीर आरोप राजनीतिक दलों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच चल रहे तनाव का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे जांच जारी है, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये दावे कैसे सामने आएंगे और महाराष्ट्र और उसके बाहर की राजनीतिक गतिशीलता को कैसे प्रभावित करेंगे।
| शामिल व्यक्ति | आरोप |
|---|---|
| जितू नवलाणी | ED एजेंट के रूप में वसूली |
| राजेश्वर सिंह | पूर्व ED अधिकारी, अब भाजपा विधायक |
| रॉमी भगत | वसूली में शामिल, जेल में बंद |
सीतारमण के खिलाफ आरोपों में दावा है कि कुछ ED अधिकारियों ने उनकी ओर से बड़ी रकम वसूलने के लिए काम किया। राउत ने जोर देकर कहा कि ये आरोप गंभीर हैं और पूरी तरह से जांच की मांग करते हैं।
यह भी देखें: पीएम मोदी ने दिया महाराष्ट्र को बड़ा तोहफा, किया 11,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास












Click it and Unblock the Notifications