Shiv Sena UBT में क्या होने वाली दूसरी बड़ी टूट? Uddhav की बैठक से गायब 3 MLA और 1 MLC कौन हैं
Shiv Sena UBT Crisis: महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जहां पार्टी को नए सिरे से खुद को स्थापित करने की उम्मीद थी, वहीं 6 सांसदों की बगावत के बाद शिंदे गुट में शामिल होने के बाद संकट गहरा गया है।
वहीं सोमवार को जब ये बागी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहे तभी उद्धव ठाकरे ने एक बैठक बुलाई। विधायकों और विधान पार्षदों की महत्वपूर्ण बैठक से चार प्रमुख चेहरे नदारद रहे। जिसके बाद उद्धव ठाकरे के शिवसेना यूबीटी जल्द दूसरी टूट के कसास लगाए जाने जा रहे हैं।

दरअसल, उद्धव ठाकरे ने यह बैठक महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ताधारी महायुति सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की योजना बनाने के लिए बुलाई गई थी। जिसमें तीन विधायक और एक एमएलसी गायब रहे। विधानसभा के भीतर और बाहर आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाने की कोशिश कर रही शिवसेना (यूबीटी) की इस बैठक में तीन विधायकों और एक एमएलसी का शामिल ना होना टूट के दावों को मजबूती दे रहा है।
कौन हैं बैठक से गायब 3 MLA और 1 MLC?
अनुपस्थित रहने वाले नेताओं में विधायक संजय देरकर, राहुल पाटिल, संजय पोतनीस और एमएलसी सुनील शिंदे शामिल रहे। विशेष रूप से सुनील शिंदे की अनुपस्थिति पर अधिक ध्यान दिया गया, क्योंकि उन्होंने ही पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे को चुनाव लड़ाने के लिए अपनी पारंपरिक वर्ली सीट खाली की थी, जो उनके समर्पण का प्रतीक माना जाता था।
क्या उद्धव की शिवसेना में होगी टूट?
हालांकि, उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि इस बैठक से दूर रहने का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए क्योंकि संगठन को उनके निजी और स्वास्थ्य कारणों की पूर्व जानकारी थी। वहीं इन नेताओं के स्पष्टीकरण की बात करें तो राहुल पाटिल ने बताया कि वे विधान परिषद चुनाव की मतगणना प्रक्रियाओं में व्यस्त थे और परभणी में उद्धव ठाकरे के आगामी राजनीतिक दौरे की तैयारियों की देखरेख कर रहे थे।
एमएलसी सुनील शिंदे ने अपनी अनुपस्थिति की वजह बताते हुए कहा कि वे अपने गृह नगर चिपलून में एक महत्वपूर्ण कार्य से गए हुए थे और वहां से मुंबई लौट रहे थे। इसी तरह संजय पोतनीस ने बैठक में न आने का कोई विशिष्ट कारण तो साझा नहीं किया, परंतु पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को स्पष्ट रूप से दोहराया।
मानसून सत्र में महायुति सरकार को घेरने का रोडमैप
इस समय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना (यूबीटी) का संख्या बल काफी महत्वपूर्ण है, जिसमें उसके पास कुल 20 विधायक और 6 विधान परिषद सदस्य हैं। एक घंटे तक चली इस लंबी बैठक में सभी उपस्थित विधायकों ने अपनी एकजुटता और सांगठनिक मजबूती का प्रदर्शन करने के लिए उद्धव ठाकरे के साथ सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस कदम के माध्यम से पार्टी ने संदेश दिया कि शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर पार्टी का कोर ग्रुप पूरी तरह से एकजुट है और आगामी चुनावी वर्ष में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।













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