'भ्रष्ट नेताओं को BJP में लेना मोदी की गारंटी है', भाजपा और PM Modi पर उद्धव ठाकरे का हमला
Uddhav Thackeray Targets PM Modi: महाराष्ट्र लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं में पार्टी छोड़ने की होड़ मच रही है। पहले मिलिंद देवड़ा, फिर बाबा सिद्दीकी और अब पूर्व सीएम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए, जिस पर शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला।
अशोक चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने के बाद उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को भाजपा के नारे "मोदी की गारंटी" पर कटाक्ष किया और कहा कि बीजेपी का मेन मिशन भ्रष्ट नेताओं को भाजपा में शामिल करना और उन्हें उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री का पद देना है।

रूलिंग पार्टी बीजेपी पर हमला करते हुए उद्धव ठाकर ने कहा कि देश में ''तानाशाही'' के रूप में एक नया ''वायरस'' फैल रहा है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि "हमने अपनी सरकार में कोरोना देखा, लेकिन आज देश में एक नया वायरस आया है, इसे मोदी सरकार के तहत तानाशाही कहा जाता है। इसलिए, मैं आपसे (जनता) अनुरोध करता हूं कि अपने हाथ धो लें और देश से इस तानाशाही वायरस को खत्म करें।
वहीं बीजेपी हालिया नारे मोदी की गारंटी पर कटाक्ष करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, "मोदी का क्या है गारंटी? मैं आपको बताऊंगा, यह भ्रष्ट नेताओं को भाजपा में लेना है और उन्हें राज्यसभा सीटें देना है, उन्हें डिप्टी सीएम और सीएम बनाना है और उन्हें ईडी और सीबीआई मामलों से मुक्त करना है।''
पार्टियों को तोड़ने पर बोला हमला
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की दो प्रमुख पार्टियों में हुई टूट का जिक्र करते हुए कहा, ''मैं मोदी जी से पूछना चाहता हूं कि आपके बीजेपी नेता आपके सपने को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए आप पार्टियों को तोड़ रहे हैं। उन्होंने (बीजेपी) मेरी पार्टी शिवसेना को तोड़ा, फिर एनसीपी को तोड़ा, शरद पवार को और अब कांग्रेस से अशोक चव्हाण को और नीतीश कुमार को।"
किसानों के प्रदर्शन पर केंद्र को घेरा
इसके अलावा उद्धव ठाकरे ने किसानों के चल रहे प्रदर्शन पर केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि किसान गृह मंत्री अमित शाह से मिलना चाहते थे, लेकिन उनके पास समय नहीं है और वह इस मामले पर गंभीर नहीं हैं। ठाकरे ने कहा, "आज किसान अपनी फसलों के लिए दिल्ली में इस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे स्वामीनाथन की रिपोर्ट और एमएसपी चाहते हैं। हमारे किसान गृह मंत्री अमित शाह से मिलना चाहते हैं, लेकिन उनके पास समय नहीं है और वे गंभीर नहीं हैं।"












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